भू-आधार, डिजिटल रिकॉर्ड और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन से भ्रष्टाचार पर होगा वार
केंद्र सरकार के सहयोग से नरेला में हाई सिक्योरिटी जेल का होगा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में डीसेंट्रलाइज, डिजिटल और पारदर्शी शासन व्यवस्था के लिए 4304 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को लोगों के करीब लाने के लिए सरकार 13 जिलों में मिनी सचिवालय बनाएगी। इन केंद्रों के जरिए एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सरकारी सेवाएं मिलेंगी। दक्षिण-पश्चिम जिले के द्वारका में पहले मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए 213 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 2026-27 में इसके निर्माण कार्य के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर संपत्ति को यूनिक नंबर यानी भू-आधार देगी और एनजीडीआरएस पोर्टल के जरिए सभी जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल किया जाएगा। इससे प्रॉपर्टी विवाद कम होंगे और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
नीति आयोग के तर्ज पर दिति आयोग
दिल्ली में नीति आयोग के तर्ज पर दिति (दिल्ली इंस्टीट्यूशनल थिंक टैंक फॉर इनोवेशन) आयोग बनेगा। विकास को गति देने के लिए जिला परियोजना निधि योजना के तहत डीएम को 59 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही सीएम जन सुनवाई पोर्टल और एप, सरकारी संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने के लिए दिल्ली एसेट मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम और 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं की निगरानी के लिए सीएम प्रगति बनाए गए हैं। इसके अलावा वित्तीय कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) भी विकसित किया जा रहा है।
पेपरलेस और फेसलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम होगा शुरू
पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सब-रजिस्ट्रार स्तर पर पासपोर्ट कार्यालयों की तरह पेपरलेस और फेसलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू किया जाएगा। दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के तहत 10 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया जाएगा। न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए शास्त्री पार्क, कड़कड़डूमा, रोहिणी और राउज एवेन्यू में नए कोर्ट रूम और परिसर बनाए जाएंगे। रोहिणी में एक फैमिली कोर्ट भी स्थापित होगा। इसके लिए 230 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं, फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए शेख सराय में नई क्षेत्रीय फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के भवन के लिए 2 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। साथ ही केंद्र सरकार के सहयोग से नरेला में हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण शुरू किया जाएगा। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के पब्लिक अकाउंट को अलग करने की मंजूरी दे दी है। इससे वित्तीय कामकाज में स्पष्टता आएगी।