दिल्ली पुलिस ने ई-सिम धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साइबर जालसाजों ने एक पीड़ित से ई-सिम के नाम पर 40 लाख रुपये ठग लिए। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपी भाइयों अंकित दास और सुबल दास को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 44 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को इस गिरोह से जुड़ी 124 शिकायतें मिली हैं।
पुलिस उपायुक्त साइबर सेल आदित्य गौतम ने बताया कि पीड़ित को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर का कर्मचारी बनकर संपर्क किया गया था। जालसाजों ने मौजूदा सिम कार्ड को ई-सिम में अपग्रेड करने का झांसा दिया। इसके बाद, शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर आरोपियों ने अपने मोबाइल में सक्रिय कर लिया। आरोपियों ने अनधिकृत लेनदेन किए और पैसे कई खातों में स्थानांतरित कर दिए।
जांच में अंकित दास को इस प्रणाली का मुख्य तकनीकी संचालक पाया गया। वह संभावित पीड़ितों की पहचान करता था और उन्हें ई-सिम में बदलने के लिए राजी करता था। धोखाधड़ी से मिले पैसे को वह अलग-अलग म्यूल खातों में भेजता था। अंकित दास झारखंड के जामताड़ा का स्थायी निवासी है। उसने बताया कि वह कई सालों से साइबर धोखाधड़ी में शामिल था। धोखाधड़ी की रकम बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों के साथ बांटी जाती थी। उसका चचेरा भाई सुबल दास पिछले साल से उसके साथ काम कर रहा था। सुबल पीड़ितों को फोन करने और ई-सिम प्रक्रिया में मदद करता था।
धोखाधड़ी का तरीका
आरोपी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के कर्मचारी बनकर पीड़ितों से संपर्क करते थे। वे उन्हें मौजूदा सिम कार्ड को ई-सिम में बदलने के लिए मनाते थे। एक बार जब पीड़ित झांसे में आ जाते, तो उनका मोबाइल नंबर अपने मोबाइल पर सक्रिय कर लेते थे। इसके बाद वे पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे और कई खातों में भेज देते थे। ठगी के बाद इस मोबाइल को दामोदर नदी में फेंक देते थे।