राजधानी में रविवार को हिंसा की ऐसी झूठी खबर उड़ी कि आम लोगों के अलावा पुलिस के भी होश उड़ गए। अचानक सड़कों पर भगदड़ मच गई। सड़कें खाली हो गईं। चंद घंटों में हिंसा की झूठी 1880 पीसीआर कॉल आईं। हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है कि हिंसाग्रस्त रहे उत्तरपूर्वी जिले से महज पुलिस को महज दो कॉल मिलीं जबकि पश्चिमी दिल्ली में यह आंकड़ा 481 रहा। इससे हालात ऐसे खराब हुए कि खुद संयुक्त स्तर के अधिकारियों को सड़कों पर उतरकर लोगों को समझाना पड़ा। पुलिस लगातार लाउड स्पीकर से ऐलान कर आम लोगों को हिंसा की झूठी खबर होने की बात करती रही।
पुलिस ने मीडिया व सोशल मीडिया से मैसेज देकर झूठी खबर फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के लिए कहा। पुलिस ने झूठी अफवाह फैलाकर शांति भंग करने के आरोप में कुल 40 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब सोशल मीडिया से और लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने की बात कर रही है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम जिले से 30, पूर्वी दिल्ली से 6, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से दो, शाहदरा से 4, मध्य जिला से 35, उत्तरी जिला से 6, उत्तर-पश्चिम से 54, उत्तरी-बाहरी से 22, रोहिणी से 122, दक्षिण दिल्ली से 127, दक्षिण-पूर्व से 413, पश्चिम दिल्ली से 481, बाहरी दिल्ली से 222 और द्वारका से 310 पीसीआर कॉल आईं।
अफवाह फैलाने के आरोप में पुलिस ने उत्तर-पश्चिम जिले से 21 लोग, रोहिणी से एक और दक्षिण जिले से 18 लोगों को मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। हालांकि जमानती धाराओं में मामला दर्ज होने की वजह से सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की छानबीन जारी है। आगे भी जो लोग इस तरह की अफवाहें फैलाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।