रोहिणी जिले के विजय विहार इलाके में सोमवार तड़के एक मकान में भीषण आग लग गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी के बीच परिवार चार साल की मासूम बच्ची को पहली मंजिल पर ही भूल गया। याद आने पर मकान में आग भड़क चुकी थी। दमकल कर्मियों ने जली हुई हालत में मासूम को निकालकर अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक की शिनाख्त बबली (4) के रूप में हुई है। इधर, पहले से बीमारी के बाद अस्पताल में भर्ती बबली के बुजुर्ग दादा चंद्रेश्वर प्रसाद ने भी दिन में दम तोड़ दिया। एक ही दिन में हुई दो मौतों से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, बबली अपने परिवार के साथ 19, शर्मा कॉलोनी, बुद्ध विहार में रहती थी। इसके परिवार में पिता भरत प्रसाद, मां मंजू, तीन बहन, एक भाई, चाचा मेघनाथ, चाची व बुजुर्ग दादा चंद्रेश्वर प्रसाद थे। भरत ने अपने घर के ग्राउंड फ्लोर पर एल्यूमिनियम व प्लास्टिक के बर्तनों की दुकान खोली हुई थी। जबकि पहली मंजिल पर बबली के चाचा-चाची व दूसरी मंजिल पर भरत का परिवार रहता था।
सोमवार तड़के करीब 2.45 बजे अचानक सोते समय दम घुटने से भरत की आंख खुली तो उसने देखा कि घर में धुआं था और आग लगी हुई थी। उसने शोर मचाकर फौरन सभी घर वालों को उठाया। इसके बाद पहली मंजिल पर अपने छोटे भाई मेघनाथ व उसके परिवार को भी उठाकर छत के रास्ते पड़ोसी के मकान में पहुंचे। इसी दौरान मेघनाथ को ध्यान आया कि उसकी भतीजी बबली बेड पर ही सो रही है। उसे उठाना वह भूल गया।