मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर बने कट पर बुधवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक मुड़ी ट्रैवलर मिनी बस की वजह से कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। दो लोगों की मौत मौके पर ही हुई, जबकि दो ने जेवर के कैलाश अस्पताल ले लाते समय दम तोड़ा। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों का इलाज चल रहा है। हादसे के वक्त गाड़ी में सवार मयंक घायल परिजनों को तड़पते हुए देखते रहे, लेकिन चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
दिल्ली के शास्त्रीनगर निवासी मयंक ने बताया कि उनके पिता जसवंत सिंह, माता सुनीता देवी, छोटे भाई कन्हैया के साथ वृंदावन धाम दर्शन के लिए महिंद्रा टीयूवी-300 गाड़ी से निकले थे। रास्ते में उन्होंने अपने ताऊ नेतराम के दो बेटों चिराग और आदित्य को भी साथ ले लिया। सभी छह लोगों ने वृंदावन धाम के दर्शन किए और अपनी बुआ के बेटे नरोत्तम के गांव हाथरस के मुरैना थाना क्षेत्र के नगला हंसी पहुंचे। नरोत्तम ने पुरानी गाड़ी खरीदने की बात की और साथ में दिल्ली चल दिया।
दोपहर करीब तीन बजे कार जैसे ही नौहझील थाना क्षेत्र के गांव कटैलिया के पास पहुंची तो सामने कट से एक ट्रैवलर मिनी बस अचानक तेजी से मुड़ी। इसे बचाने के चक्कर में गाड़ी का संतुलन खराब हो गया और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि गाड़ी के परखचे उड़ गए। जेवर के कैलाश अस्पताल में घायल सुनीता, मयंक और आदित्य का इलाज चल रहा है। तीनों खतरे से बाहर हैं। अस्पताल पहुंचे परिजन का रो-रो कर बुरा हाल था।
मयंक के पिता चला रहे थे गाड़ी
मयंक ने बताया कि उनके पिता ही गाड़ी चला रहे थे। अचानक सामने आई कार को बचाने के लिए उन्होंने जैसे ही टर्न लिया, गाड़ी डिवाइडर से टकराकर पलटती चली गई और इसमें सवार सभी लोग गंभीर घायल हो गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने मदद कर घायलों को अस्पताल भिजवाया।
पिता, चाचा और दो भाइयों को दम तोड़ते देखा
मयंक (22 वर्ष) ने बताया कि हादसे के वक्त उन्हें सिर में चोट आई, लेकिन वह होशोहवास में थे। दुर्घटना में मयंक के पिता जसवंत सिंह (43 वर्ष), मयंक के छोटे सगे भाई कन्हैया (7 वर्ष) ताऊ के लड़के चिराग उर्फ चंद्रप्रकाश (22 वर्ष) और पिता की बुआ के लड़के नरोत्तम (36 वर्ष) की मौत उनकी आंखों के सामने हो गई। वह मदद करने का प्रयास भी कर रहा थे, लेकिन गंभीर रूप से घायल थे। एक साथ परिवार के इतने लोगों को घायल देखकर उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था।