सेक्टर-18 मार्केट के दुकानदार की दुकान का बिजली का बिल संशोधित होकर 55 हजार 705 रुपये हो गया। अमर उजाला ने मंगलवार को गलत बिल की खबर दुकान का बिल चार करोड़ से ज्यादा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विभाग के अधिशासी अभियंता ने उसी दिन बिल के बारे में अमर उजाला और मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके जैन से फोन पर जानकारी प्राप्त की थी।
अधीक्षण अभियंता मुकुल सिंघल ने बताया कि बिल को संशोधित कर दिया गया है, जिसमें दुकानदार 45 हजार रुपये का पहले ही भुगतान कर चुका था। 10 हजार 705 रुपये उन्हें और जमा करने हैं। उन्होंने बताया कि करीब पौने दो लाख बिजली के बिल में से करीब एक लाख 60 हजार बिल मैनुअल बनाए जाते हैं।
इसमें कभी कभी गलती हो जाती है। उन्होंने बताया कि 15 हजार उपभोक्ताओं के बिजली के बिल की फीडिंग ऑनलाइन होती है, जिसमें गलती नहीं होती है।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि ऑनलाइन फीडिंग की सुविधा बड़ी कंपनियों को ही अभी मिल रही है। इनमें बिजली की खपत अधिक है। छह से सात माह में 25 किलोवॉट से अधिक बिजली के लोड पर बिजली के बिल की ऑनलाइन फीडिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी।