केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली विधानसभा भंग करने की सिफारिश मंजूर कर ली है। अब दिल्ली में चुनाव होने की तारीखें आनी बाकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जम्मु एवं कश्मीर व झारखंड के चुनावों के साथ ही यहां भी चुनाव कराए जाएंगे।
ऐसे में भाजपा ने अभी चुनावी रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं और यह साफ कर दिया है कि दिल्ली चुनाव भी हरियाणा व महाराष्ट्र चुनाव के तर्ज पर ही लड़े जाएंगे। यानि एक बार फिर चुनावों की कमान मोदी के हाथ में होगी और अन्य कार्यकर्ता उनका सहयोग करेंगे।
यही नहीं, दिल्ली में भी भाजपा को किसी को सीएम पद का उम्मीदवार नहीं बनाएगी। विधानसभा भंग करने की सिफारिश मंजूर किए जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली के चुनाव भी सामूहिक नेतृत्व में लड़े जाएंगे।
हालांकि आम आदमी पार्टी ने भाजपा के दिग्गज नेता जगदीश मुखी पर हमला तेज कर दिया है। जगदीश मुखी इस समय दिल्ली के सबसे वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और सत्ता के माहिर खिलाड़ी हैं। बीच-बीच में इनका नाम दिल्ली के सीएम पद के लिए उठता रहा है।
सतीश उपाध्याय खुद करेंगे अगुआई
प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय खुद दिल्ली चुनावों में सबसे अहम भूमिका में रहेंगे। हाल ही में जारी भाजपा के नई कार्यकारिणी में अपने करीबियों को चुनकर उन्होंने यह जाहिर भी कर दिया था कि वह पावर गेम खुद अपने हाथ में रखना चाहते हैं।
सतीश ने एक पार्षद के तौर पर अपना राजनीतिक कैरियर शुरू किया था और मेयर के रास्ते तक भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे हैं। इसलिए उन्हें जमीन का नेता माना जाता रहा है। दिल्ली के निगमों पर उनकी पकड़ काफी मजबूत है।
हालांकि उनकी उनकी छवि पर्दे के पीछे चीजों को व्यवस्थित करने के तौर पर जाना जाता है। इसलिए इस इलेक्शन में उनकी भूमिका चाणक्य के तौर पर रहेगी।
विजय गोयल भी रहेंगे टॉप फाइव में
यूं तो विजय गोयल दिल्ली की मुख्य धारा की राजनीति से अलग हो गए हैं। लेकिन इस चुनाव में उनकी वापसी के आसार हैं। दिल्ली की राजनीति में विजय गोयल ने लंबा वक्त गुजारा है। इसलिए उनको मेंटर की भूमिका रखे जाने की तैयारी की जा रही है।
दिल्ली में लंबे समय तक भाजपा के अध्यक्ष रहे विजय फिलहाल राज्यसभा के सांसद हैं। लेकिन वो आज भी दिल्ली में राजनीति में खासी रुचि रखते हैं। कुछ महीनों पहले उन्होंने दिल्ली में यूपी-बिहार के लोगों पर टिप्पणी कर खासी नकारात्मक सुर्खियां बटोरी थीं।
तब उनके दिल्ली राजनीति में वापसी के कयास लगाए थे। लेकिन फिलहाल उन्हें बस चुनावों के लिए वापस बुलाए जाने की संभावना जताई रही है।
प्रभात झा पर होगा दामोमदार
दिल्ली भाजपा के प्रभारी और वरिष्ठ नेता प्रभात झा पर चुनावों के दौरान भाजपा के नियमन की जिम्मेदारी होगी। प्रभात पर चुनाव के दौरान आने वाली तमाम परेशानियों से पार्टी को उबारने की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी।
वह पहले भी कई बार पार्टी को संकट से उबारते रहे हैं। प्रभात की छवि विषम परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन की है। इन चुनावों में उन्हें कई महत्वपूर्ण काम दिए जाने की संभावना है।