दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बुधवार को पहली बार 3डी लेप्रोस्कोपी सर्जरी का प्रदर्शन किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि 3डी लेप्रोस्कोपी सर्जरी देश में बहुत जल्द मूत्र संबंधी सर्जरी में बड़ा बदलाव लाएगी। एम्स में देश-विदेश से जुटे यूरोलॉजिस्ट ने इस विधि को भविष्य की चिकित्सा विधि बताते हुए कहा कि मूत्र संबंधी विकारों के मरीजों की सर्जरी में यह वरदान साबित होगा।
यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के 47वें वार्षिक सम्मेलन में राम मनोहर लोहिया अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव सूद ने कहा कि परंपरागत लेप्रोस्कोपी सर्जरी में सर्जन को टीवी मॉनिटर पर दो आयामी दृश्य ही मिल पाते हैं।
3डी लैप्रोस्कोपी तीसरे आयाम का भी बोध कराता है। यह सर्जन को देखने की बेहतर क्षमता प्रदान करता है और सर्जरी भी सटीक एवं सही-सही होती है।
एम्स के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख तथा यूसीकॉन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. पीएन. डोगरा ने बताया कि इस विधि से ऑपरेशन होने पर मरीज को काफी कम दिनों तक अस्पताल में रहने की जरूरत पड़ेगी। देश-विदेश से आए चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने 3डी सर्जरी को चलन में लाने पर बल दिया।