टीकरी बॉर्डर पर लगातार 38वें दिन भी किसानों का आंदोलन जारी रहा। शनिवार को सुबह हल्की बरसात होने के कारण किसानों को परेशानी हुई, लेकिन सामूहिक साफ सफाई के बाद किसानों ने फिर से मोर्चा संभाल लिया।
ठंड नहीं पहले से ही विकराल रूप धारण कर रखा है। रोजाना साफ सफाई से निकलने वाला पानी टिकरी बॉर्डर पर सड़कों के किनारे ही रुका है। सड़कों पर जगह जगह पर कीचड़ हो गया है। शनिवार को बरसात हो जाने से सड़कें और गीली हो गईं। किसानों ने अपना राशन और जलाने के लिए आईं लकडिय़ों को मेट्रो के नीचे सुरक्षित रख दिया है। हरप्रीत सिंह ने बताया कि बरसात इतनी तेज नहीं थी, लेकिन इसकी वजह से ठंडक और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मेट्रो की छाया टीकरी बॉर्डर पर लोगों के लिए छत का काम कर रही है। हल्की फुल्की बरसात का खास असर नहीं पड़ता है। किसानों के पास पर्याप्त संख्या में टेंट और तिरपाल उपलब्ध हैं।
टीकरी बॉर्डर पर शनिवार को भी भारी संख्या में लोग किसानों के समर्थन में पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन (राजनैतिक) जींद जिले के कार्यकर्ता रामराज्य धुल ने बताया कि किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर की परेड निकालेंगे। जिसकी तैयारियां हरियाणा में शुरू हो चुकी हैं। ट्रैक्टर परेड में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होंगी और इसकी अगुवाई करेंगी। जींद में महिलाओं को ट्रैक्टर चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों की बात नहीं मानी तो 26 जनवरी को दिल्ली की सभी सीमाओं पर लाखों ट्रैक्टर परेड करेंगे।