मध्य जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन ने बताया, पकड़े गए आरोपियों की पहचान यूपी के मैनपुरी निवासी अभिषेक सिंह, उसके भाई विकास सिंह तोमर, दिल्ली निवासी किशन चौहान और चेतन झा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 376 मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।
पीड़ित ने बताया कि वह पिछले करीब 8-10 साल से बिहार में मोबाइल का कारोबार कर रहा है। अगस्त के आखिरी सप्ताह वह दिल्ली के करोल बाग मोबाइल खरीदने आया था। इसके बाद 31 अगस्त को उसने बीएचआर कूरियर से मोबाइल फोन बिहार भेजने के लिए पार्सल बुक किया। कारोबारी से पार्सल लेने के बाद अभिषेक झंडेवालान पहुंचा। यहां उसके बाकी साथी मौजूद थे। इन लोगों ने यहां बाकी साथियों की मदद से मोबाइल वाले पार्सल को बदल दिया। बॉक्स में लकड़ी के टुकड़े रखकर चोरी किए मोबाइल को करोल बाग में छिपा दिया गया। 9 मोबाइल फोन किशन ने अपने किसी जानकार को बेच दिए।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे आरोपी
पुलिस ने करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। इस बीच आरोपी सीसीटीवी में कैद मिले। पुलिस ने बिडनपुरा से दोनों भाई विकास और अभिषेक को दबोच लिया। इनकी निशानदेही पर करोल बाग से 376 मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए। आरोपी अभिषेक ने बताया मां बीमार है। इस वजह से इन लोगों ने दोस्त किशन व चेतन के साथ मिलकर साजिश रची।