बिना निविदा के दे दिए 500 करोड़
सतर्कता आयोग ने भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जांच में पाया कि दिल्ली सरकार ने बिना निविदा के ही प्रोजेक्ट को 500 करोड़ रुपये की बढ़ाेतरी मंजूर कर दी थी। यही नहीं बेहतर सुविधाओं के नाम पर कंस्ट्रक्शन कॉस्ट 90% तक बढ़ाई गई। हालांकि काम घटिया दर्जे का हुआ। जीएफआर, सीपीडब्ल्यूडी वर्क्स मैनुअल का जमकर उल्लंघन किया गया।
1214 शौचालय बनाए और उन्हें ही बता दिया कक्षा
जांच में यह भी पता चला कि 193 स्कूलों में 160 शौचालय बनाए जाने थे, लेकिन 37 करोड़ रुपये अधिक खर्च कर 1214 शौचालय बनाए गए। दिल्ली सरकार ने इन शौचालयों को कक्षा बताया और 141 स्कूलों में सिर्फ 4027 कक्षाएं ही बनाईं।
आप सरकार ने ढाई साल दबाया मामला
आम आदमी पार्टी सरकार ने इस मामले को ढाई साल तक दबाया। सीवीसी ने 17 फरवरी 2020 की रिपोर्ट में भ्रष्टाचार उजागर किया था और रिपोर्ट पर सतर्कता निदेशालय से जवाब मांगा। लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने ढाई साल तक इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया। इसके बाद अगस्त 2022 में दिल्ली के एलजी ने मुख्य सचिव को निर्देश देकर देरी की जांच करके रिपोर्ट देने कहा।