राजधानी में रह रहे 34 फीसदी लोगों के फेफड़े खराब हैं। सम-विषम योजना के दौरान डॉक्टरों की टीम द्वारा जांच के बाद यह बात सामने आई है।
अभियान मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर सुनीला गर्ग की अगुवाई में चलाया गया था। उन्होंने बताया कि दिल्ली में एक जनवरी से लेकर 15 जनवरी के बीच 3019 लोगों के फेफड़ों की जांच की गई।
34 फीसदी लोगों पर प्रदूषण के घातक असर देखे गए। 1037 लोगों के फेफड़े खराब मिले। दिल्ली सचिवालय से शुरू हुआ अभियान मोबाइल वैन के जरिये दिल्ली के विभिन्न इलाके में चलाया गया।
शुरुआत में लोगों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई, लेकिन बाद में लोग इससे जुड़ गए।