कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तीनों नगर निगमों ने कन्वर्जन शुल्क और पार्किंग शुल्क के नाम पर 3084 करोड़ रुपये से अधिक राशि वसूल कर बड़ा घोटाला किया। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। दोषी लोगों पर तुरंत आपराधिक मामले दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के न्याय युद्ध अभियान समिति के संयोजक मुकेश शर्मा, एमसीडी के नेता मुकेश गोयल, सुश्री रिंकू, निगम पार्षद वेदपाल और वरिष्ठ नेता चतर सिंह ने तीनों निगमों को भंग करने की मांग भी दोहराई।
मुकेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में लगभग 3600 सड़कों को व्यावसायिक व मिश्रित भू-उपयोग में बदलने की व्यवस्था मास्टर प्लान में की गई थी। यह भी स्पष्ट किया था कि कन्वर्जन व पार्किंग शुल्क सहित भू-उपयोग बदलने के लिए ली जाने वाली राशि का प्रयोग मार्केट के रखरखाव और पार्किंग बनाने के लिए किया जाएगा।
दिल्ली में प्रस्तावित 13 में से एक भी मल्टी लेवल पार्किंग नगर निगम ने विकसित नहीं की। इसे बनाने की दिशा में कोई कदम भी नहीं उठाया। शर्मा ने आरोप लगाया कि पार्किंग माफिया को निर्धारित स्थानों से तीन गुणा से अधिक स्थानों में काम करने की छूट दी जा रही है। इसकी आड़ में भाजपा नेता करोड़ों रुपये की उगाही कर रहे हैं। यह राशि बढ़कर 3084 करोड़ रुपये से भी अधिक रहो चुकी है।
शर्मा ने कहा कि इस राशि का दुरुपयोग करके भाजपा के नेताओं ने अपराध किया है। इस राशि का दुरुपयोग भारत सरकार के तयशुदा नियमों के मुताबिक वित्तीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।