दिल्ली सरकार ने 75 सीएम श्री स्कूलों में ‘ईट वेल-लिव वेल’ पहल की शुरुआत की है। इसके माध्यम से करीब 30,000 बच्चों में ‘फाउंडेशनल वेलबीइंग लिटरेसी’ विकसित की जाएगी। पहल का शुभारंभ शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने किया।
इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों के पास जानकारी तो बहुत है, लेकिन चुनौती उस जानकारी को रोजमर्रा की स्वस्थ आदतों में बदलने की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करता है, उसी तरह ‘फाउंडेशनल वेलबीइंग लिटरेसी’ उन्हें स्वस्थ, संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने की आधारभूत समझ और जरूरी कौशल प्रदान करेगी।
इस पहल के तहत बच्चों की 21 व्यक्तिगत आदतों, सात सामाजिक कौशल और सात पर्यावरणीय कौशल पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें स्वस्थ भोजन, भोजन सुरक्षा और स्वच्छता, पर्याप्त पानी पीना, शारीरिक गतिविधियों और बेहतर खान-पान की आदतों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही अभिभावकों को भी पहल से जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चों में विकसित किए जा रहे स्वस्थ व्यवहार को घर पर भी प्रोत्साहन मिल सके।
शिक्षा निदेशक अंकिता आनंद ने कहा कि यह कोई अतिरिक्त कार्यक्रम नहीं है, बल्कि स्कूलों में पहले से चल रही विभिन्न गतिविधियों को एकीकृत कर वेलबीइंग को स्कूल जीवन का हिस्सा बनाने की पहल है।
इस पहल के तहत बच्चों के लिए कोई अतिरिक्त पाठ्यपुस्तक या परीक्षा नहीं होगी। बातचीत, गतिविधियों, दृश्य संकेतों और निरंतर अभ्यास के माध्यम से बच्चों में स्वस्थ व्यवहार विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देना नहीं, बल्कि उसे उनकी रोजमर्रा की आदतों और व्यवहार का हिस्सा बनाना है।