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दिल्ली में साइबर अपराधों से सनसनीः नौकरी के नाम पर 300 युवाओं से ठगी

Fri, 31 Jul 2020 05:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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साइबर अपराध - फोटो : amar ujala
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कोरोना की वजह से आए आर्थिक संकट के कारण हजारों लोगों की नौकरियां चली गईं। ऐसे में साइबर अपराध भी बढ़ रहा है। बेरोजगार हुए युवाओं को नौकरी दिलवाने का सपना दिखाकर ठगी करने वाले एक गैंग पश्चिम जिला साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है। गैंग नौकरी दिलवाने के अलावा कम ब्याज दरों पर बिना गारंटी के लोन दिलवाने का झांसा भी देता था। 

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आरोपियों ने कोरोना काल में अब तक देशभर के करीब 250 से 300 बेरोजगार और लोन की चाह रखने वाले लोगों को ठगा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 17 मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी नियुक्ति पत्र, लोन पास होने के कागजात व ढेरों अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी पश्चिम दिल्ली के हरिनगर स्थित अशोक नगर के एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि पिछले दिनों भुवनेश्वर, ओडिशा निवासी रोहन मोहंटी नामक शख्स ने जिले की साइबर सेल को नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उसने एक  नामी वेबसाइट पर अपना बायोडेटा अपलोड किया हुआ था। 
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उसी को देखकर आरोपियों ने उसे एचडीएफसी बैंक में नौकरी दिलवाने की बात की।

नौकरी के लिए अपलाई करवाने के नाम पर शुरूआत में उससे 2500 रुपये ले लिये गए। बाद में उसे नियुक्ति पत्र भेजा गया। उससे और रुपयों की मांग होने लगी। शक होने पर उसने पड़ताल की तो पूरा मामला फर्जी पाया। शिकायत मिलने के बाद हरिनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। साइबर सेल में इंस्पेक्टर अरुण कुमार चौहान व अन्यों की टीम ने मामले की जांच शुरू की।

ऐसे पकड़े गए चारों आरोपी....
टेक्नीकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने हरिनगर स्थित अशोक नगर के एक मकान में छापा मारा। वहां ग्राउंड फ्लोर पर फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चार आरोपी सौम्य रंजन समाल उर्फ लक्की (26), सोनू सिंह (24), सौरभ कुमार गुप्ता (31) और कुरैश (28) को पकड़ा। आरोपी सौम्य बीबीए किए हुए है और गैंग लीडर है। वहीं सौरभ भी ग्रेजुएट है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि कोरोना की वजह से उन्हें भी नौकरी नहीं मिल रही थी। इसलिए उन्होंने ठगी का धंधा शुरू कर दिया।

देशभर के 250 से 300 बेरोजगारों को लगा चुके हैं चूना...
गैंग लीडर सौम्य ने बताया कि वह खुद बीपीओ में काम करता था। उसे ठगी करने के सारे गुर पता था। गैंग ने नौकरी व लोन के लिए आवेदन करने वाले लोगों का डाटा निकलवाया। इसके बाद उन लोगों को कॉल कर लोन व नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। शुरूआत में आरोपी लागइन चार्ज, स्क्रूटनी चार्ज, इंश्योरेंस चार्ज व अन्य के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये ऐंठ लेते थे। इसके बाद यह लोग फर्जी नियुक्ति और लोन पास होने के कागजात भेजकर पीड़ितों से और रकम ऐंठ लेते थे। नौकरी या लोन पाने की चाहत में पीड़ित इनको आसानी से रुपये दे भी दिया करते थे। आरोपियों कई बैंक खातों का पता चला है। पुलिस आरेपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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