सेक्टर-53 कंचनजंगा अपार्टमेंट में दूषित पानी की सप्लाई से 150 फ्लैट में 300 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। एक-एक परिवार से 3 से 4 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
इतनी संख्या में लोगों के बीमार होने पर बृहस्पतिवार सुबह करीब 8 बजे सीएमओ समेत 15 डॉक्टरों की टीम जांच के लिए अपार्टमेंट पहुंची। स्वास्थ्य विभाग ने घरों से जांच के लिए पानी का सैंपल लिया। लोगों को पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया। 40 लोगों को दवाइयां दीं।
अपार्टमेंट में 640 फ्लैट हैं। कुछ अपार्टमेंट को छोड़कर सभी में लोग रहते हैं। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि एक हफ्ते से दूषित पानी की सप्लाई आ रही है। पानी से बदबू आ रही है। पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं। 13 फरवरी को प्राधिकरण के संबंधित विभाग को फोन पर गंदे पानी की सप्लाई की जानकारी दी थी। 15 फरवरी को प्राधिकरण की टीम ने आकर चेक किया था।
लोगों को 20 लीटर की पानी की बोतल मंगवानी पड़ रही है। पहले प्राधिकरण की तरफ से सप्लाई होने वाले पानी को फिल्टर करके पीते थे, लेकिन अब तो नहाने के लिए बाहर से पानी मंगवा रहे हैं।
सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस और डॉक्टरों के साथ सोसायटी में पहुंची थी। वहां 40 लोगों को दवाइयां दी। इसके साथ ही उन्हें बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। पानी में डालने के लिए क्लोरीन की दवाई दी। पानी के सैंपल जांच के लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. आरके गर्ग, सीएमओ
सोसायटी में कई दिनों से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। आरओ से भी पानी साफ नहीं हो रहा। इससे हमारे घर में चार लोग बीमार हो गए।
- एमएल शर्मा, स्थानीय निवासी
दूषित पानी की सप्लाई से बुरा हाल है। पानी पीने लायक तो छोड़ों, कपड़े धोने लायक तक नहीं है। 20 लीटर की बोतल मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है।
- एसके पटनायक, स्थानीय निवासी
सोसायटी में 150 घरों में करीब 300 लोग बीमार पड़ गए। ये सभी पानी से होने वाली बीमारियों से पीड़ित हैं। इसको लेकर प्राधिकरण को शिकायत कर दी है।
- एके श्रीवास्तव, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
प्राधिकरण की तरफ से सप्लाई किया जाने वाला पानी बिल्कुल ठीक है। दिक्कत सोसायटी के अंदर आ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हमारी टीम मौके पर गई थी और जांच की। पता चला कि सोसायटी में बने बैंक के फ्लैटों से कुछ दिक्कत आई है। इसको लेकर उनसे बात की गई है। दो से तीन दिन के अंदर समस्या दूर हो जाएगी।
- एमपी शर्मा, प्रोजेक्ट इंजीनियर प्राधिकरण