प्रदूषण के खिलाफ जारी है जंग
धूल, कचरा जलाने और अन्य प्रदूषण फैलाने वाले हॉट स्पॉट की पहचान कर प्रदूषण के खिलाफ जंग जारी है। 27 एजेंसियों और विभागों के समन्वय के लिए एक ग्रीन वॉर रूम बनाया गया। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सर्दियों में 84 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीन, 609 स्प्रिंकलर और 639 एंटी-स्मॉग गन भी तैनात की। ग्रीन दिल्ली एप के जरिये नागरिकों से मिली 90 फीसदी से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया। सरकार ने प्रदूषण के विभिन्न कारणों की पहचान करने के लिए एक आधुनिक लैब की स्थापना की।
सभी 11 जिलों में तैनात होंगी मोबाइल वैन
आईआईटी कानपुर और दिल्ली के साथ टेरी के सहयोग से स्थापित लैब से सरकार को प्रदूषण के सही समय और कारणों की जानकारी मिल रही है। पूरी दिल्ली में प्रदूषण स्तर जानने के लिए 11 जिलों में एक-एक मोबाइल वैन तैनात की जाएगी।
1400 किमी लंबी सड़कों की होगी सफाई
सड़कों पर धूल कम करने के लिए सरकार ने 1400 किलोमीटर लंबी पीडब्ल्यूडी की सड़कों को साफ रखने, फुटपाथ और सेंट्रल वर्ज की मरम्मत, खाली जगहों पर घास, झाड़ियां और पौधे लगाने का फैसला लिया है। पौधे लगाने, पानी छिड़कने और सड़कों को आधुनिक मशीनों से नियमित रूप से धोने की योजना बनाई गई है। सरकार 52 लाख पौधे लगाकर अगले साल पौधरोपण महाभियान को और तेज करेगी।