फारीदाबाद के एक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 20 से 25 महिलाएं बच्चों को स्तनपान कराने की दिक्कत लेकर आ रही हैं। इनमें से चार से पांच महिलाएं ऐसी हैं जो स्वेच्छा से स्तनपान कराना नहीं चाहती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया कि अधिकतर बड़े निजी अस्पतालों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। अधिकतर मध्यम वर्गीय या कामकाजी महिलाओं में इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कई महिलाएं ऐसी हैं जो स्तनपान कराना चाहती हैं लेकिन स्तन के दूध का उत्पादन न होने से बच्चों को स्तनपान नहीं करा सकती हैं। यह तब होता है जब मां को किसी भी प्रकार की बीमारी जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज, पहले किसी भी प्रकार की सर्जरी होने और पारिवारिक परेशानी के कारण उनके स्तन के दूध का उत्पादन नहीं होता है। यह समस्या उन महिलाओं को भी होती है जो महिलाएं पहली बार मां बनती हैं।
बच्चे को स्तनपान न कराने से महिलाओं में कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। इसमें स्तन कैंसर, डिंबग्रंथि का कैंसर, मोटापा, टाइप 2 मधुमेह, और हृदय रोग की बीमारी हो सकती है। महिलाओं में स्तनपान न कराने की कई समस्याएं हैं।
गलत धारणाएं और जानकारी
महिलाएं उनके शरीर में कई प्रकार के बदलाव के कारण, सोशल मीडिया के माध्यम से गलत जानकारी लेना, घरों में उनके बड़े लोग बच्चे को स्तनपान कराने के बजाय बच्चों को बोतल से दूध पिलाने की सलाह देना, इन सभी कारणों से बच्चों को स्तनपान नहीं कराती हैं। इसके साथ ही कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जिनको स्तनपान कराने के बारे में जागरूक नहीं हैं।
स्तनपान कराने के फायदे
स्तनपान कराने के लिए महिलाओं को प्रसव से तीन माह पहले जागरूक कराना चाहिए और परिजनों को स्तनपान कराने में महिला का साथ देना चाहिए। इससे महिला और बच्चा स्वस्थ रहते हैं। बच्चों को स्तनपान कराने से महिलाएं स्तन के कैंसर की समस्या से बचना, वजन कम होना, स्वस्थ रहती हैं। इसके साथ ही स्तनपान से बच्चा स्वस्थ रहता है। किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचता है। उसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लीवर की समस्या नहीं होती है, डायरिया से बचाव हो सकता है।
डॉक्टरों से बातचीत
महिलाएं स्तनपान कराने के लिए जागरूक नहीं हैं। प्रसव के बाद डॉक्टर को महिला के साथ-साथ उसके परिजनों को भी महिला के स्तनपान कराने के लिए जागरूक करना चाहिए। कई महिलाएं प्रसव के बाद अस्पतालों में रहने तक बच्चे को स्तनपान कराती है लेकिन घर जाने के बाद वह बच्चों को स्तनपान कराना बंद कर देती हैं। इसके साथ ही परिजन महिलाओं को स्तनपान कराने की सलाह देने की बजाय उन्हें बच्चे को बोतल व अन्य बर्तन से दूध पिलाने की सलाह देते हैं। इससे महिलाएं बच्चों को स्तनपान नहीं कराती हैं। महिलाओं में स्तनपान न कराने से स्तन के कैंसर की समस्या भी हो सकती है। - डॉ. अनीता कांत, स्त्री रोग विशेषज्ञ
महिलाओं में स्तनपान कराने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। महिलाओं को स्तनपान कराने के लिए जागरूक करना चाहिए। प्रसव से 3 माह पहले से महिला को बच्चे की देखभाल करने के लिए सकारात्मक होना चाहिए। स्तनपान कराने से महिला और बच्चा स्वस्थ रहता है। स्तनपान से बच्चे के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लीवर की समस्या नहीं होती है और अन्य कई प्रकार की बीमारियों से बचाव होता है। कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनको लगता है कि स्तनपान कराने से उनके शरीर में कई प्रकार के बदलाव हो जाएंगे लेकिन इससे महिलाओं को कोई समस्या नहीं होती है। महिलाओं को स्तनपान कराना चाहिए। - डॉ. सविता कुमारी, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ