गगन विहार स्थित घर के सामने खेल रहे ढाई साल के ईशांत का अपहरण और 30 लाख की फिरौती मांगने वाले चार बदमाशों को बृहस्पतिवार रात गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली के बृजपुरी से धर दबोचा।
पुलिस ने बृजपुरी स्थित एक फैक्ट्री से गारमेंट फैक्ट्री मालिक के बेटे को भी बरामद कर लिया है। अपहरण की साजिश फैक्ट्री मालिक के घर के सामने रहने वाले कमल नाम के शख्स ने की थी।
अपने साथियों के साथ अपहरण कर ईशांत को बृजपुरी की फैक्ट्री में रखा था। बदमाशों के दो और साथियों की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है।
गगन विहार निवासी गारमेंट फैक्ट्री मालिक नितिन त्यागी के बेटे ईशांत का बीते शनिवार को बाइक सवार दो बदमाशों ने घर के सामने से ही अपहरण कर लिया था।
दोपहर में ईशांत अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान हेलमेट लगाए दो बाइक सवार बदमाश आए और जबरन उसे उठाकर ले गए।
एसपी सिटी शिवहरि मीणा ने बताया कि सोमवार को छत पर एक चिट्ठी मिली थी जिसमें अपहरणकर्ताओं ने तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। साथ ही लिखा था कि अगर ईशांत को ढूंढने की ज्यादा कोशिश की तो नुकसान उठाना पड़ेगा।
कमल ने रची थी अपहरण की साजिश
ईशांत के अपहरण की साजिश घर के सामने रहने वाले कमल ने रची थी। कमल के यह पता था कि ईशांत के पिता की हर्ष विहार में फैक्ट्री है और उनसे मोटी रकम वसूली जा सकती है।
जिसके बाद उसने पास ही रहने वाले पम्मी, जहीन, आरिफ और दो अन्य के साथ अहपरण की साजिश रची। कमल ने जहीन के साथ ग्लैमर बाइक पर ईशांत का अपहरण किया।
दोनों युवक ईशांत को दिल्ली के बुराड़ी स्थित एक फैक्ट्री में ले गए। इसके बाद बृजपुरी स्थित एक एसिड फैक्ट्री में ले गए। जहां आरिफ, पम्मी और दो अन्य युवक भी मौजूद थे।
इसके बाद चारों ने पर्ची फेंककर फिरौती की मांग की। चारों ने परिजनों को अल्टीमेटम दिया था कि अगर शनिवार तक रुपये न दिए तो बेटे की जान ले लेंगे।
दो दिन से बदमाशों के पीछे थी पुलिस
एसएचओ लिंक रोड राशिद अली, इंस्पेक्टर अरुण कुमार और एसएचओ साहिबाबाद के नेतृत्व में तीन टीमें लगातार बदमाशों को ट्रेस कर रही थीं। सूत्रों की मानें तो मंगलवार को ही बदमाशों को उनके मोबाइल लोकेशन के आधार पर ट्रेस कर लिया गया था।
बदमाश तमिलनाडु की सिम का उपयोग फिरौती मांगने के लिए कर रहे थे। फिरौती मांगने के बाद इसे बंद कर दिया जाता था। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से जाल बिछाया और गोकलपुरी के पास बृजपुरी की फैक्ट्री से चारों आरोपियों को धर दबोचा।
उनके पास से अपहरण में इस्तेमाल ग्लैमर बाइक भी बरामद की गई है। पकड़े गए आरोपियों में जहीन और आरिफ पहले भी कई मामलों में जेल जा चुके हैं। मामले में कुछ और सहायक आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी पुलिस कर रही है।
मां की गोद में जाकर खिलखिलाया ईशांत
पिता नितिन और मां राधा का लाडला ईशांत ठीक से बोल नहीं पाता। मगर मां की गोद में जाते ही वह खिलखिलाकर हंसने लगा। इसके बाद दादा की गोद में गया।
रात के अंधेरे में ही ईशांत थाने में ही खेलने लगा। मां राधा ने बताया कि ईशांत ने बताया है कि चारों युवक उसे डराते थे। ईशांत कमल को पहचानता है और उसे चाचा बोल रहा है। मगर चारों की शक्ल देखते ही वह रोने लगता है।