पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-1 में अफगान नागरिकों के साथ ठगी करने वाले तीन ईरानी जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नूरमोहम्डी, रेजा कोहन खाकी, फरहद बबसिसौर के रूप में हुई। आरोपी एक चिकित्सा केंद्र में इलाज कराने आने वाले अफगान नागरिकों को ही अपना शिकार बनाते थे।
दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि आरोपी एक चिकित्सा केंद्र के सामने खड़े हो जाते थे। यहां जो भी अफगान नागरिक इलाज कराने आता था, तो आरोपी उसे रोक लेते थे। आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर उनका सामान चेक करते थे। चेकिंग के बहाने से उनकी विदेशी मुद्रा निकाल लेते थे।
पुलिस के पास ठगी के शिकार दो अफगान नागरिक पहुंचे थे। मामला दर्ज कर एसीपी विजय चंदेल के नेतृत्व में ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष मनीष जोशी, इंस्पेक्टर पंकज पांडेय व एसआई विक्रम की टीम ने जांच शुरू कर की। जांच में पता लगा कि आरोपी सिर्फ इलाज कराने के लिए आने वाले अफगान नागरिकों से ठगी करते हैं।
इस पर एसीपी विजय चंदेल ने शुक्रवार शाम को एक हवलदार को अफगान वेशभूषा में चिकित्सा केंद्र के सामने खड़ा कर दिया। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे और अफगान नागरिक बने हवलदार से पर्स दिखाने को कहा, तभी हवलदार ने इशारा कर दिया। इशारा पाकर पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ना चाहा, तो आरोपियों ने हवलदार पर कार चढ़ाने की कोशिश की। एक सिपाही ने आरोपियों पर पिस्टल तान दी, जिसके बाद तीनों ईरानी जालसाज को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों से बरामद रकम
2829 यूएस डॉलर, 200 यूरो, 2.3 लाख ईरानी मुद्रा (रॉयल), 50 ऑस्ट्रेलियन डॉलर, 1050 मालदीव मुद्रा, 1.2 लाख वियतनाम डोंग, 13 मलेशियन मुद्रा (रिंगलेट), 50 नेपाली रुपये, पांच यूएई डिरम, 100 सउदी रॉयल, 100 श्रीलंकाई रुपये, 150 टर्की लीरा, 1510 भारतीय रुपये, भारतीय पुरानी मुद्रा का 500 का एक नोट, तीन मोबाइल, तीन ईरानी पासपोर्ट, एक कार, तीन ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य कागजात बरामद किए गए हैं।