-मध्य जिला के स्पेशल स्टाफ ने आरोपियों को दबोचा, एक विदेशी पिस्टल व आठ कारतूस बरामद
-पकड़े गए आरोपियों में एक मयूर विहार थाने का घोषित बदमाश (बीसी) भी
-24 जनवरी को मयूर विहार इलाके में अधिवक्ता पर चलाई गई थी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में 24 जनवरी को अधिवक्ता पर गोली चलाकर हमले की गुत्थी मध्य जिला के स्पेशल स्टाफ ने सुलझा ली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन को दबोचा है। इनकी पहचान सोहेब उर्फ अज्जू (23), मोहम्मद अनीस उर्फ सोनू (36) और मजीद (24) के रूप में हुई है। इनके पास से अवैध मेड इन इटली पिस्टल व आठ कारतूस के अलावा दो स्कूटी बरामद हुईं हैं। सोहेब मयूर विहार थाने का घोषित बदमाश (बीसी) है। इसके खिलाफ लूटपाट, हत्या के प्रयास समेत सात मामले दर्ज हैं। सोहेब मुरादनगर के एचएलएम कॉलेज से ग्रेजुएशन कर चुका है।
मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पांच मार्च को स्पेशल स्टाफ की टीम को खबर मिली कि फायरिंग का मुख्य आरोपी सोहेब देर रात को एमजी रोड, रोज गार्डन के साथियों के साथ आने वाला है। इसके बाद टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने गांधी स्मारक बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर जाल बिछाया। रात करीब 11 बजे दो स्कूटी पर आरोपी पहुंचे, जिसमें से एक चोरी की पाई गई।
युवक को बचाने के दौरान अधिवक्ता पर हमला
पुलिस की पूछताछ में सोहेब ने बताया कि दोस्त आसिफ कालिया से उसने विदेशी पिस्टल खरीदी। 24 जनवरी को वह विशाल नामक युवक पर हमला के दौरान वहां से गुजर रहे अधिवक्ता नितिन हस्तौरिया ने उसे बचाने का प्रयास किया तो उसी पर गोली चला दी और साथियों संग फरार हो गया।
इसके अलावा अनीस उर्फ सोनू के खिलाफ अलग-अलग थानों में चार मामले दर्ज हैं। मजीद के खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से हत्या के प्रयास के मामले के साथ सनलाइट कॉलोनी में चोरी की वारदात भी सुलझाई है। पुलिस पिस्टल दिलाने वाले आसिफ की तलाश कर रही है।