पावर कारपोरेशन ने दो जनवरी से लाल कुंआ पावर स्टेशन को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इस दौरान दो माह तक सुबह आठ से शाम छह बजे तक पावर कट रहेगा।
ऐसे में कविनगर, राजनगर, विवेकानंदनगर, प्रतापविहार, एनएच-24, विजयनगर, राकेश मार्ग और बुलंदशहर रोड-कविनगर-साउथ साइड इंडस्ट्रियल एरिया को आसपास के स्टेशनों से सप्लाई दी जाएगी। इसके बावजूद लोगों को पांच-छह घंटे तक कटौती का सामना करना पड़ेगा।
पावर कारपोरेशन ने 200 करोड़ की लागत से पावर स्टेशन में कंडक्टर बदलने का निर्णय लिया है। मोदीनगर से लाल कुआं तक की 18 किमी लाइन के तार बदलने में दो महीने का समय लगेगा।
एसई एसबी यादव ने बताया कि दो माह तक जिले में ट्रांसमिशन की इमरजेंसी रोस्टिंग नहीं की जाएगी। इसको लखनऊ से चेयरमैन और एमडी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे लोकल कटौती के चलते ही लोगों को दिन में थोड़ी परेशानी होगी।
ट्रांसमिशन एसई एसपी राम ने बताया कि मौजूदा कंडक्टर कमजोर होने के चलते मात्र 70 एमवी सप्लाई दे रहे थे। अब नए एनबार से 225 एमवी सप्लाई मिलेगी। जिससे गर्मियों मे बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पावर कारपोरेशन के गोदाम से कालोनियों में लाइन बनाने के लिए आया कीमती सामान बिल्डरों ने प्रयोग कर लिया। कारपोरेशन के रिकार्ड में सामान गोदाम में ही है, जबकि वास्तव में इसका प्रयोग अवैध कालोनियों में कर लिया गया।
इससे अवैध कालोनियों में बिजली चोरी हो रही है, वहीं पर वैध कालोनियों में लाइनों का निर्माण अटका है। एसई ने जेई के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
कारपोरेशन के स्टोर से लाइनों के निर्माण के लिए सामान जेई को आवंटित होता है, जिसको वह पावर स्टेशनों पर गोदामों में रखते है।
लालकुआं पावर स्टेशन के जेई अनिल चौरसिया ने प्रतापविहार, लालकुआं व एनएच 24 क्षेत्र में विकास के लिए सामान लिया था। इसे लालकुआं के गोदाम में रखा गया था। गत दिनों गोदाम से 7 लाख का सामान गायब हो गया।
सूत्रों की मानें तो यह सामान जीटी रोड की एक अवैध कालोनी में बिल्डर ने लगा लिया है। इसमें विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता है। इससे लाइनपार क्षेत्र में विद्युत लाइनों के निर्माण का काम अटका पड़ा है।
बिल्डरों को बेचा विद्युत लाइनों का सामान
पावर कारपोरेशन के गोदाम से कालोनियों में लाइन बनाने के लिए आया कीमती सामान बिल्डरों ने प्रयोग कर लिया। कारपोरेशन के रिकार्ड में सामान गोदाम में ही है, जबकि वास्तव में इसका प्रयोग अवैध कालोनियों में कर लिया गया।
इससे अवैध कालोनियों में बिजली चोरी हो रही है, वहीं पर वैध कालोनियों में लाइनों का निर्माण अटका है। एसई ने जेई के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
कारपोरेशन के स्टोर से लाइनों के निर्माण के लिए सामान जेई को आवंटित होता है, जिसको वह पावर स्टेशनों पर गोदामों में रखते है।
लालकुआं पावर स्टेशन के जेई अनिल चौरसिया ने प्रतापविहार, लालकुआं व एनएच 24 क्षेत्र में विकास के लिए सामान लिया था। इसे लालकुआं के गोदाम में रखा गया था। गत दिनों गोदाम से 7 लाख का सामान गायब हो गया।
सूत्रों की मानें तो यह सामान जीटी रोड की एक अवैध कालोनी में बिल्डर ने लगा लिया है। इसमें विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता है। इससे लाइनपार क्षेत्र में विद्युत लाइनों के निर्माण का काम अटका पड़ा है।