हाईकोर्ट ने टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में सीबीआई व ईडी की अपील पर जवाब दाखिल न करने वाले आरोपियों को राहत देते हुए तीन-तीन हजार पेड़ लगाने के बजाय 15-15 सौ पेड़ लगाने का निर्देश दिया है। आरोपियों ने पेड़ों की देखरेख में आने वाली धनराशि के आधार पर पेड़ों की संख्या कम करने का आग्रह किया था।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने आरोपियों के आग्रह पर पेड़ों की संख्या को प्रति आरोपी तीन हजार से 15 सौ कर दिया है, लेकिन कंपनियों को कोई राहत नहीं दी है। इन कंपनियों को तीन-तीन हजार पेड़ ही लगाने होंगे और उनकी देखरेख करनी होगी।
कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा कि एक साल में तीन हजार पेड़ों को लगाने व देखरेख का खर्च करीब सवा छह करोड़ है। यह जुर्माना राशि बहुत ज्यादा है। इसलिए इन पेड़ों की संख्या को कम कर आधा किया जाए, ताकि आरोपी इस आदेश का सहजता से पालन कर सकें।
इससे पहले हाईकोर्ट ने 7 फरवरी को स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा समेत आरोपियों व कंपनियों को 16 हजार पौधे दक्षिण दिल्ली रिज क्षेत्र में लगाने का निर्देश दिया था।