दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा सहित 2जी घोटाले के आरोपियों को बरी किए जाने के विरुद्ध अपील दायर करने के लिए सीबीआई को मंजूरी देने के निर्णय को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में दावा किया गया कि सीबीआई की मंजूरी देने के लिए केंद्र की प्रक्रिया उचित नहीं है।
न्यायमूर्ति बृजेश सेठी ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई द्वारा अपील विधिवत दायर की गई। आगामी 30 नवंबर को सेवानिवृत होने जा रहे न्यायाधीश ने अपील को अपनी अदालत से मुक्त कर दिया और कहा कि यह मुख्य न्यायाधीश के आदेश के अनुसार इन्हें एक दिसंबर को दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।
पीठ ने बरी किए गए कुछ लोगों की इस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपील दायर करने से पहले अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड में लाने का केंद्र को निर्देश दिए जाने का आग्रह किया था। याचिका में कहा गया कि अपील दायर करने के लिए अनुमति पत्रों को रिकॉर्ड में लाने के लिए सरकार किसी दायित्व से नहीं बंधी है।
इस मामले में बरी आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ सीबीआई की ‘अपील की अनुमति’ पर हाईकोर्ट ने अक्टूबर में दैनिक सुनवाई शुरू की थी। सीबीआई के मामले में दलीलें पूरी करने के बाद उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय के मामले को लिया था, जिसमें विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के मामलों में 21 दिसंबर 2017 को राजा, द्रमुक सांसद कनिमोई और अन्य को बरी कर दिया था।