आतंकी संगठन जैश-ए -मोहम्मद के गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी अब्दुल लतीफ मीर व मो. अशरफ खटाना पूछताछ में जो खुलासा कर रहे है पुलिस उसको वेरीफाई कर रही है। दिल्ली पुलिस को दोनों संदिग्ध आतंकियों की गूगल लोकेशन भारत-पाकिस्तान बार्डर पर मिली है।
गूगल लोकेशन से पता लगा है कि ये बॉर्डर पर तीन बार गए थे। दिल्ली पुलिस जल्द ही दोनों के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत कार्रवाई करेगी। दोनों पाकिस्तान में व्हाट्सएप व मैसेंजर कॉल कर बात करते थे। पुलिस इस व्हाट्सएप व मैसेजर की रिपोर्ट मंगा रही है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस दोनों को यूपी के देवबंद उन जगहों पर लेकर गई थी जहां इन लोगों ने हथियार व विस्फोटक आदि बनाने की ट्रेनिंग ली थी। दिल्ली पुलिस सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों को देवबंद प्राइवेट वाहन से लेकर गई थी। जांच एजेंसियों से दोनों से पूछताछ कर लगातार कडियां जोड़ रही है।
खुफिया विभाग, राजस्थान व यूपी एटीएस आदि राज्यों की पुलिस भी इन संदिग्ध आतंकियों से आकर पूछताछ कर चुकी है। जांच में ये बात भी सामने आई है कि मो. अशरफ के एक रिश्तेदार के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संपर्क हैं।दोनों की संदिग्ध आतंकी सोशल मीडिया पर बहुत ही सक्रिय थे।
ये एक समुदाय के लोगों को जम्मू कश्मीर की आजादी के लिए भड़काते थे। ये युवाओं को जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले भाषण सुनाते थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल से दोनों की संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ जल्द ही यूएपीए के तहत कार्रवाई करेगी। अभी इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट आदि का मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस ने दोनों संदिग्ध आतंकियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है।