दिवाली पर ग्रीन पटाखे बेचने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 115 कंपनियों को लाइसेंस दिया है, जबकि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) की ओर से एनसीआर में 28 इकाइयों को लाइसेंस दिया है। ये एनसीआर में ग्रीन पटाखे बेच सकेंगी, लेकिन प्रत्येक दुकानदार को अपना बार कोड देना होगा जिससे पुलिस-प्रशासन यह जांच कर सकेगा कि ग्रीन पटाखे हैं या कुछ और। इस संबंध में गौतमबुद्धनगर में भी ग्रीन पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस की खातिर आवेदन शुरू कर दिए हैं।
ग्रीन पटाखे बेचने वाली कंपनियों को भी अपना बार कोड संबंधित दुकानदार को देना होगा। इसके लिए एक एप भी बनाया गया है और उस बार कोड को देखते ही सर्टिफिकेट आ जाएगा, जिससे पता चल सकेगा कि पटाखा प्रदूषण वाला है या ग्रीन पटाखा है।
सात शर्तों का देना होगा शपथ पत्र
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि कोई भी दुकानदार ग्रीन पटाखा बेचेगा तो उसे सात बिंदुओं पर शपथ पत्र देना होगा, जिनमें पेट्रोलियम विस्फोटक सुरक्षा संगठन के नियमों का पालन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन और पॉलिथिन और प्लास्टिक से बने कोई भी सामान का प्रयोग नहीं करने समेत 7 शर्तें रखी गई हैं। यदि उनका उल्लंघन हुआ तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 115 कंपनियों को देशभर में ग्रीन पटाखे बनाने के की अनुमति दी है। पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन की ओर से एनसीआर में 28 इकाइयों को लाइसेंस दिया गया है। इनके द्वारा ही पटाखे दुकानदारों को बेचे जाएंगे। अगर किसी भी दुकानदार ने आदेशों का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी
- शैलेंद्र कुमार मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा