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प्रेमी को साथ लेकर 26 साल की डिंपल बन गई गैंगस्टर

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फिल्मी अंदाज में दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट, डकैती और कार लूटने वाले बंटी-बबली गैंग को दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने दबोचा है। गैंग की लीडर 26 वर्षीय युवती डिंपल प्रेमी रोहित,एक युवती व अन्य तीन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देती थी।
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पुलिस ने आगरा निवासी डिंपल (26), दिल्ली निवासी नेहा ठाकुर उर्फ पलक (30), रोहित माकन (22), गांव लावड़, सरधना, मेरठ निवासी सुहैल (22) और खरीदार राजकुमार (49) को दबोचा है।

15 जून 2015 को गैंग ने सोनीपत के चांदनी बाग थाना क्षेत्र में एक अमेरिकी परिवार को लूट लिया था। पुलिस ने गैंग के पास से चार कार व भारी मात्रा में लूटा गया माल बरामद किया है।
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प्रेमी के साथ बनाया था गैंग

दक्षिण-पश्चिम जिला उपायुक्त आरए संजीव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में होने वाली लूटपाट की वारदातों में एक महिला का भी नाम आ रहा था। जांच के दौरान 20 जुलाई को टीम ने गैंग के दो बदमाश सुहैल और रोहित को दबोच लिया। दोनों ने लूटपाट की 11 वारदातों का खुलासा किया।

इसके बाद पुलिस ने गैंग लीडर डिंपल व पलक को भी दबोच लिया। इनके पास से चार कारें, एक पिस्टल, 14 लूटे गए मोबाइल, दो लैपटॉप और लूटे गए क्रेडिट कार्ड व एटीएम कार्ड बरामद किए। आरोपियों ने कबूला है कि इन लोगों ने दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा में 11 वारदातों को अंजाम दिया।

बॉलीवुड मूवी बंटी और बबली से प्रभावित होकर डिंपल ने अपने प्रेमी व लिव इन पार्टनर रोहित के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। आगरा स्थित ओपन स्कूल से 10वीं पास डिंपल के माता-पिता ने 2010 में उसकी शादी की थी।

दो पतियों को छोड़ चुकी थी डिंपल

तीन माह बाद उसने अपने पति को छोड़ दिया। 2011 में उसके माता-पिता ने उसकी दूसरी शादी की, लेकिन दो माह बाद उसने दूसरे पति को भी छोड़ दिया। 2011 में इसकी मुलाकात दिल्ली के उत्तम नगर निवासी रोहित से हुई।

दोनों ने लिव इन में रहना शुरू कर दिया। शुरूआत में दोनों ने एक लोकल टीवी चैनल में भी काम किया जो स्टिंग करता था। बाद में इन लोगों ने वारदात को अंजाम देना शुरू किया।

2014 में गोविंदपुरी थाने में दोनों लूटपाट के एक मामले में पकड़े गए थे। जेल से बाहर आने के बाद डिंपल ने छह लोगों के साथ अपना नया गैंग खड़ा किया। इसमें वसीम, अमित, पलक, सुहैल और रोहित शामिल थे।

हाईफाई लाइफ स्टाइल और डिस्को की आदत

डिंपल और पूरा गैंग हाई प्रोफाइल लाइफ जीने का आदी है। लूटे गए माल से यह लोग तकरीबन रोजाना ही डिस्को व बड़े रेस्टोरेंट जाते थे। पलक अमित के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी।

गैंग के बाकी लड़के भी अपनी गर्लफ्रेंड को महंगे तोहफे देने के लिए वारदात को अंजाम देते थे। माल खत्म होने पर वारदात को अंजाम दिया जाता।

पुलिस से बचने के लिए गैंग बड़े ही शातिर तरीके से कोडवर्ड में बातचीत करता था। मोबाइल पर बातचीत के लिए डिंपल ने अपने गैंग के सदस्यों को कुछ निर्देश जारी किए हुए थे।

डिंपल को बोला जाता था असलम भाई

डिंपल को फोन पर असलम भाई कहा जाता था। वारदात को अंजाम देने से पहले हथियार साथ में लाने के लिए कोडवर्ड बड़े भाई को साथ लेते आना कहा जाता था।

इसके अलावा पैर में दर्द का मतलब गैंग के किसी सदस्यों को पुलिस ने पकड़ लिया है। पलक और डिंपल खुद को छुपाने के लिए बुर्के का भी इस्तेमाल करती थीं।

अक्सर आपने बॉलीवुड फिल्मों में देखा होगा कि सुनसान सड़क पर खूबसूरत महिला मदद के लिए कार चालक को हाथ दिखाकर रोकती है। ठीक इसी तरह डिंपल और पलक खुद को चारे (हनीट्रैप) की तरह इस्तेमाल कर लोगों को रोकती थीं।
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चाकू लेकर चलती थी डिंपल

जैसे ही पीड़ित रुकते थे गैंग के बाकी सदस्य आकर हथियारों के बल पर उनको लूट लेते थे। पुलिस के मुताबिक डिंपल और पलक महंगे ब्रांडेड कपड़े पहनती हैं, इसकी वजह से आसानी से लोग इनके जाल में फंस जाते थे।

वारदात में जाते समय अमित कार चलाता था। वसीम और सुहैल पिस्टल लेकर पीछे बैठते थे। खुद डिंपल चाकू लेकर चालक के बराबर वाली सीट पर बैठती थी।

महिला के आगे बैठे होने की वजह से पुलिस इन पर शक नहीं करती थी। कई बार डिंपल खुद भी कार चलाती थी। डिंपल ने पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए अपनी कार पर मीडिया का स्टीकर लगाया हुआ था। डिंपल हमेशा अपनी एसेंट कार में चलती थी। बरामद चार कारों में एक कार डिंपल की अपनी है। बाकी तीनों को इन्होंने लूटा है।
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