राजधानी में एक बार फिर से एक स्कूल में मिड-डे-मील में छिपकली मिली। नरेला के बांकनेर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे-मील खाने से लगभग 30 छात्राएं बीमार पड़ गईं। सभी को सत्यवती राजा हरीशचंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर शाम कुछ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे पहले शनिवार को कल्याणपुरी स्थित सरकारी स्कूल के मिड-डे-मील खाने में छिपकली मिली थी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, छात्राओं ने पेट दर्द की शिकायत की थी। सभी की हालत स्थिर है, कुछ को छुट्टी दे दी गई है। वहीं समाज कल्याण मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम छात्राओं से मिलने अस्पताल पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया।
स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन भी अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहे। सोमवार को उपमुख्यमंत्री ने मिड-डे-मील बनाने वाली दो रसोई का औचक निरीक्षण किया था। एक रसोई में जाले, मकड़ी व छिपकली मिली थी। सरकार की इतनी सख्ती के बाद भी यह घटना दोबारा हुई।
इस मामले पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सख्ती के बावजूद इस तरह की घटना दोबारा होने से यह साफ है कि यह लापरवाही और बदमाशी दोनों है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शिक्षा निदेशक ने बृहस्पतिवार को रसोई बनाने वाले सभी सप्लायर की बैठक बुलाई है, जिसमें मिड-डे-मील बनाने वालों को सख्त हिदायत दी जाएगी। जिला उपशिक्षा निदेशक को कहा गया है कि हर रसोई का बारीकी से निरीक्षण करें, जहां जरूरत हो वहां कार्रवाई करें।