दिल्ली में सड़क दुर्घटना दावा न्यायालय ने सड़क हादसे में मृत सीपीडब्ल्यूडी के 52 वर्षीय कर्मचारी के आश्रितों को बतौर मुआवजा 25 लाख रुपये प्रदान किए हैं। पंचाट के पीठासीन अधिकारी हरीश दुदानी ने नेशनल बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार को 25 लाख 50 हजार 152 रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएं। मुरगेश की वर्ष 2013 में चाणक्यपुरी के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
अदालत ने कहा के सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि आरोपी चालक लापरवाही व तेज रफ्तार से कार चला रहा था। उसने सड़क पर साइकिल से जा रहे मुरगेश को टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हुई। उन्होंने कहा कि चश्मदीद गवाहों, मृतक की पत्नी गीता, दर्ज प्राथमिकी व मेडिकल साक्ष्यों से स्पष्ट है कि दुर्घटना कार चालक की लापरवाही से हुई। ऐसे में मृतक का परिवार मुआवजा पाने का हकदार है।
याचिका के अनुसार मुरगेश 5 अक्तूबर 2013 को चाणक्यपुरी के पास शांतिपथ पर साइकिल से जा रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रही कार ने उसे टक्कर मार दी जिससे उसे गंभीर चोट आई। उसे तुंरत नजदीक के अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मृतका की पत्नी ने कहा कि घटना के समय वह 24 हजार रुपये प्रति माह वेतन ले रहा था। अत: 30 लाख रुपये मुआवजा दिलवाया जाए।
सुनवाई में बीमा कंपनी व कार चालक ने इस मामले में उन्हें फर्जी फंसाने का आरोप लगाया। बाद में बीमा कंपनी ने 14 लाख रुपये में समझौता करने का तर्क रखा लेकिन मृतका की पत्नी ने इस राशि को लेने से इनकार कर दिया था।