साइबर सिटी में चिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते एक सप्ताह में 23 नए मामले की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 25 मामले की पुष्टि कर चुका है।
इनमें से 14 मामले गुड़गांव के हैं, जबकि 11 मामले गुड़गांव से बाहर के मरीजों के हैं। हालांकि इनका इलाज गुड़गांव के अस्पताल में ही हुआ है। दरअसल, मादा एडिस मच्छरों के प्रकोप के कारण जिले में लगातार डेंगू व चिकनगुनिया के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बीते एक सप्ताह में चिकनगुनिया के 90 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए थे। जिसे टेस्ट के लिए लगाया था। टेस्ट के बाद इनमें 23 मामले की पुष्टि हुई है। हालांकि कुछ मरीजों का इलाज चल रहा है तो कुछ ठीक हो गए हैं। अधिकांश मामले नए गुड़गांव के हैं।
जबकि पुराने गुड़गांव और कॉलोनियों से मलेरिया के मामले आ रहे हैं। जिले में अब तक 30 मलेरिया के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई का कहना है कि चिकनगुनिया वायरल बुखार है, लेकिन जानलेवा बुखार नहीं है।
यह वायरल मच्छर के काटने से होता है। अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो यह बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है। अब तक 25 मामले की पुष्टि हुई है।
चिकनगुनिया के लक्षण
-बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होता है।
-बुखार 5 से 7 दिन तक रहता है, लेकिन जोड़ों का दर्द बना रहता है।
-शरीर के कई हिस्सों सहित हाथों और पैरों पर चकत्ते बनने लगते हैं
-सिरदर्द, आंखों में समस्या होना, कमजोरी आना और नींद ना आना।
चिकनगुनिया से कैसे करें बचाव
-बुखार में डॉक्टर की सलाह जरूर लें
-घर में कहीं भी पानी को जमा न होने दें
-घर के आसपास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करवाएं
-कूलरों की समय-समय पर सफाई करते रहें
-रात में सोते समय मॉस्कीटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें
-पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें