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DU से स्नातक 23 साल की युवती गिरोह की सरगना

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इंश्योरेंस पॉलिसी पर मोटा बोनस देने का लालच देकर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले गैंग के तीन सदस्यों को अपराध शाखा और दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गैंग की सरगना पूर्वोत्तर की एक युवती है।
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आरोपियों की पहचान वंदना दास (23), विशाल मिश्रा (20) और अनिकेत मिश्रा (27) के रूप में हुई है। वंदना अपने गैंग के साथ मिलकर देश भर के सैकड़ों लोगों को ठग चुके हैं। गैंग के सदस्य खुद को एलआईसी और आरबीआई का बड़ा अधिकारी बताते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन व सिमकार्ड बरामद किए हैं।

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि द्वारका सेक्टर-12 निवासी कृपाल सिंह (76) ने पुलिस से 22 लाख रुपये ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि उनके पास मुंबई से गोडवानी नामक एक शख्स का कॉल आया था।
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अधिकारी बनकर कॉल किया जाने लगा

कॉल करने वाले ने बताया था कि वह एलआईसी से बोल रहा है। उनकी मौजूद इंश्योरेंस पॉलिसी पर मोटा बोनस बन रहा है। इसके लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के लिए उन्हें टैक्स और अन्य खर्चों के नाम पर कुछ रकम ई-बैंकिंग के जरिये उनके खातों में डलवानी होगी।

बातचीत के दौरान अलग-अलग नंबरों से कभी आईबीआई तो कभी एलआईसी के अधिकारी बनकर उसे कॉल किया जाने लगा। आखिर में उससे 22 लाख रुपये ठग लिए गए। मामला दर्ज कर स्पेशल स्टाफ और अपराध शाखा ने मामले की छानबीन शुरू की।

इधर, एसीपी कैलाश चंद्रा और इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की टीम को सूचना मिली कि गैंग शकरपुर से ऑपरेट कर रहा है। सूचना के बाद पुलिस ने बी-2 शकरपुर मेन मार्केट में छापा मारकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
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मूलरूप से असम की रहने वाली है वंदना

पुलिस के मुताबिक मूलरूप से असम की रहने वाली वंदना ने डीयू से 2010 में ग्रजुएशन किया था। उसने कई कॉल सेंटर में नौकरी की। 2014 में नौकरी छोड़ने के बाद उसने ए-88, सेक्टर-4, नोएडा में वी-2 के नाम से अपना कॉल सेंटर खोल लिया।

वंदना खुद को आरबीआई की अधिकारी बताती थी। वहीं विशाल मिश्रा डीयू से बीकॉम कर रहा है। इसने 2014 में वंदना के कॉल सेंटर में नौकरी शुरू की। अनिकेत मिश्रा ने भी 2014 में वंदना के साथ काम शुरू किया था।

विभिन्न कॉल सेंटर में काम करने की वजह से आरोपियों ने इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों की डिटेल ली हुई थी। यह अपने कॉल सेंटर से इंश्योरेंस धारकों को कॉल कर उन्हें पॉलिसी पर मोटा बोनस देने का लालच देते थे। बाद में फर्जी आईडी से खोले गए खातों में रुपये डलवाकर पीड़ित से संपर्क खत्म कर लिया जाता था।

एसएसपी किरण एस के मुताबिक ‘‘आरोपी शख्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।’’
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