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ई-रिक्शा बिजनेस के नाम पर निवेशकों से 23 करोड़ ठगे

Sat, 22 Jun 2019 04:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अरुण कुमार, नई दिल्ली
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e-rickshaw
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बाइक बोट की तर्ज पर दिल्ली में भी ई-रिक्शा बिजनेस के नाम पर निवेशकों से 23 करोड़ की ठगी की गई है। कंपनी ने दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा समेत अन्य जगहों से निवेश करवाया था। कंपनी के खिलाफ तिलक नगर, पश्चिम विहार और सिविल लाइन समेत एनसीआर में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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पीड़ित गौरव सिंह के मुताबिक, वह मूलरूप से कानपुर का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली में रह रहा है। इस साल जनवरी में वह अपने दोस्त कृष्ण कुमार शर्मा के जरिये एसओएस व्हीकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संपर्क में आया था। कंपनी ने उसे इनवेस्टमेंट प्लान के बारे में जानकारी दी थी। 

उसे बताया गया कि निवेशक को एक ई-रिक्शा के लिए 41 हजार रुपये की रकम का निवेश करना होगा। इसके बाद निवेशक को 162 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कंपनी हर महीने पैसे लौटाएगी। यह भी बताया गया कि एक साथ 6 ई-रिक्शा के लिए निवेश करने पर 7वां ई-रिक्शा मुफ्त मिलेगा, यानी 6 ई-रिक्शा के लिए किए गए निवेश पर 7 ई-रिक्शों की कमाई का शेयर मिलेगा। 
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यह स्कीम तीन साल के लिए मान्य थी और उसके बाद निवेशक चाहे स्कीम को आगे बढ़ा सकता है या अपनी निवेश की गई रकम को पूरा वापस ले सकता है।

इस बाबत उसने 6 रिक्शों के लिए 2 लाख 46 हजार रुपये का निवेश किया। इसके बाद फरवरी में 25 हजार रुपये उसके खाते में डाले गए, लेकिन इसके बाद कंपनी ने उसे कोई पैसा नहीं दिया। इस कंपनी का ऑफिस पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल में था, लेकिन पैसा लेने के बाद कंपनी ने ऑफिस बंद कर दिया और आरोपी फरार हो गए। 

इस संबंध में पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज करवा दी। पीड़ित का कहना है कि उसका दोस्त कृष्ण इस कंपनी के साथ काम करता था, लेकिन कंपनी ने उसे भी ठग लिया।

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