अगौता पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश बोर्ड प्रयागराज की फर्जी मार्कशीट बनाकर बेचने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मार्कशीट बनाने वाले उपकरण भी बरामद हुए हैं। आरोपी अब तक करीब चालीस लोगों को मार्कशीट बेच चुके हैं। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एक सूचना पर अगौता पुलिस ने गांव खेड़ी निवासी एक युवक को फर्जी मार्कशीट बनवाकर बेचने के आरोप में हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर अगौता जेपी चौबे के अनुसार पकड़े गए युवक के पास नीतू नाम की एक मार्कशीट मिली।
सख्ती से पूछताछ पर उसने बताया कि खानपुर थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर गढ़वा निवासी रविंद्र शर्मा पुत्र बिजेंद्र शर्मा औरंगाबाद में जहांगीराबाद रोड पर टारगेट कंप्यूटर के नाम से दुकान चलाता है। वह फर्जी डिग्री बनाकर बेचता है।
गांव खेड़ी निवासी आरोपी निर्मल पुत्र हरवीर सिंह की निशानदेही पर बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने दुकान पर छापा मारकर आरोपी समेत सामान बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी रविंद्र ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। रविंद्र ने बताया कि वह अब तक करीब चालीस लोगों को यूपी बोर्ड प्रयागराज की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट बनाकर बेच चुका है।
इस काम के बदले वह लोगों से दो हजार रुपये वसूलता था। रविंद्र एक हजार रुपये निर्मल को देता था। जबकि 500 रुपये देवेंद्र को जाते थे। फिलहाल देवेंद्र फरार है। पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने वालों के कब्जे से सीपीयू, प्रिंटर और तीन मॉनीटर बरामद किए हैं।
दस वर्षों से चल रहा था फर्जी मार्कशीट बनाने का धंधा
क्षेत्र में फर्जी मार्कशीट बनाने का गोरखधंधा करीब दस वर्षों से चल रहा था, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। रविंद्र फर्जी मार्कशीट बनाने में माहिर था। वह रातभर अपनी दुकान खोलकर गोरख धंधे को अंजाम देता था। रविंद्र अब तक लगभग तीन दुकानें भी बदल चुका था।
अगौता पुलिस की गिरफ्त में आया रविंद्र शर्मा फर्जी मार्कशीट बनाने में बेहद शातिर है।