अवैध निर्माण कराने के एवज में उगाही करने के आरोप में नगर निगम प्रशासन ने आउटसोर्सिंग पर कार्यरत 21 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हटाए गए कर्मचारी अतिक्रमण हटाओ शाखा में बाउंसर और गैंगमैन के पद पर कार्यरत थे।
बता दें कि बगैर नक्शा पास कराए नगर निगम सीमा क्षेत्र में निर्माण करना प्रतिबंधित है। इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए निगम ने आउटसोर्स पर कर्मचारियों को भर्ती किया था। ये कर्मचारी अतिक्रमण हटाओ शाखा में बाउंसर व गैंगमैन के पद पर तैनात थे। इन कर्मचारियों को सड़कों पर अवैध रूप से लगी रेहड़ी पटरी और ढाबों को भी हटाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। आरोप है कि ये कर्मचारी अवैध निर्माण के बदले लोगों से वसूली करते थे।
इस बात की शिकायत निगम अधिकारियों तक पहुंच गई। शिकायत में ये भी कहा कि ये लोग सड़कों पर सांठगांठ करके रेहड़ी पटरी लगवाते हैं। इससे शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर निगम के वरिष्ठ नगर योजनाकार सुधीर चौहान ने बताया कि आरोपों की जांच के बाद 21 कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में नगर पालिका कर्मचारी संघ मैदान में उतर आया है। संघ के नेताओं का कहना है कि उगाही का आरोप गलत है। कर्मचारी नेताओं ने अतिरिक्त निगमायुक्त और वरिष्ठ योजनाकार से मुलाकात कर हटाए गए कर्मचारियों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।