युवाओं के रूप में आप अमीर और शक्तिशाली बनने की इच्छा रखते होंगे। इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन इससपने को पूरा करने के लिए नैतिक मूल्यों का पालन करें। थर्मेक्स लिमिटेड की पूर्व अध्यक्ष अनु आगा ने यह विचार आईआईटी के दीक्षांत समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। आईआईटी के 49वें दीक्षांत समारोह में वह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। इस अवसर पर 2064 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई।
आईआईटी दिल्ली के बोर्ड ऑफ गवर्नर कुमार मंगलम बिड़ला ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि बीटेक, एमटेक और पीएचडी कार्यक्रमों के छात्रों के लिए यह समारोह मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने छात्रों को तीन विशेषताओं, महत्वाकांक्षा, साहस और टीम वर्क पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा साहस समाज में सभी गुणों में सबसे महत्वपूर्ण है। कुछ भी नया करने के लिए साहस की जरूरत होती है।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी रामगोपाल राव ने संस्थान की उपलब्धियों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि हम उत्कृष्टता, विस्तार और समावेशन के उद्देश्यों पर काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीयकरण, अंत:विषय अनुसंधान और उद्योग कनेक्ट पर ध्यान केंद्रित करके इन उद्देश्यों को हासिल करने की योजना बना रहे हैं।
इस अवसर पर पीएचडी की 378, मास्टर ऑफ टेक्नालॉजी की 496, बीटेक की 694 समेत अन्य पीजी प्रोग्राम की डिग्री प्रदान की गई। जहां कुल 1635 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, वहीं छात्राओं की संख्या 429 रही। इस साल राष्ट्रपति गोल्ड मेडल बीटेक मेकेनिकल छात्र राजेश कुमार और डायरेक्टर गोल्ड मेडल बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की छात्रा संजना गर्ग को दिया गया। जबकि डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल एमटेक छात्र परीक्षित पारिख को मिला। चार छात्रों को 10 गोल्ड मेडल व संस्थान सिल्वर मेडल 14 छात्रों को दिया गया। आईआईटी ने अपने पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया। इनमें ओसीएल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष रघु हरी डालमिया, रिन्यू पॉवर के सीईओ व चेयरमैन सुमंत सिन्हा, माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्चर डॉ वेंकट एन. पद्मानाभन शामिल रहे।