दो गांवों में ही 225 करोड़ रुपये की जमीन मिल गई। इस क्रम में अधिकारियों ने मंगलवार को खैरपुर गांव में प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने वाले किसानों को रोक दिया। चेतावनी दी कि उक्त जमीन पर निर्माण न कराएं। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि कुछ जमीन प्राधिकरण ने अधिग्रहीत कर रखी है और कोर्ट का भी कोई दखल नहीं है। ऐसी ही जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए चिह्नित करना शुरू कर दिया गया है।
जमीन के एवज में मिलता है आबादी भूखंड
जमीन अधिग्रहण के एवज में ग्रेनो प्राधिकरण चार और छह फीसदी आबादी भूखंड देता है। इसके लिए पात्रता तैयार कर भूलेख विभाग परियोजना और नियोजन विभाग को दी जाती है। इसके बाद किसानों के नाम से भूखंड आवंटित कर दिया जाता है।
कुछ जगहों पर किसान का 200 वर्गमीटर का प्लॉट अलॉट है, जबकि उन्होंने दो हजार वर्गमीटर कब्जा ली है। जल्द ही इस जमीन को कब्जा मुक्त करा कर पात्र किसानों को आवंटित किया जाएगा। - रवि कुमार एनजी, सीईओ ग्रेनो प्राधिकरण