कोरोना काल में ई रिक्शा चालकों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आलम यह है कि हालात में धीरे धीरे सुधार होने के बाद पूरे दिन की मेहनत के बाद अगर 500-600 रुपये की कमाई कि नो एंट्री का एक चालान पूरे महीने की कमाई से अधिक है। खासकर जीटी रोड से लगते सीलमपुर, मौजपुर, जाफराबाद, पुरानी दिल्ली सहित दिल्ली के कई इलाकों में पिछले सप्ताह से ई रिक्शा के भारी भरकम चालान किए जा रहे हैं। राहत के लिए अदालत से भी गुहार लगाने की ई रिक्शा चालक तैयारी में हैं।
सीलमपुर मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद ई रिक्शा चालकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से नो एंट्री के चालान धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। जीटी रोड से लगते इलाकों में तो 24 घंटे ई रिक्शा के परिचालन को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यात्रियों को बस स्टॉप या मेट्रो तक छोड़ने के दौरान सड़क से गुजरने पर नो एंट्री का चालान किए जा रहे हैं।
ई रिक्शा चालक विक्की ने बताया कि कई साल पहले 236 रुट पर ई रिक्शा की नो एंट्री कर गई थी। लेकिन इसके लाइसेंस और बैज जारी किए गए, लेकिन अचानक बगैर कोई पूर्वसूचना अब नो एंट्री के भारी भरकम चालान किए जा रहे हैं। एक महीने की कमाई से भी अधिक के चालान किए जा रहे हैं, ऐसे में उनके लिए ई रिक्शा चलाना भी मुश्किल हो गया है।