जीडीए की ओर से इंदिरापुरम, राजेंद्रनगर, शालीमार गार्डन, इंद्रप्रस्थ सहित कुल नौ कॉलोनियों में एकल यूनिटों पर हुए अवैध निर्माण की जांच की जा रही है। इंदिरापुरम व राजेंद्रनगर में अब तक 282 एकल यूनिटों की हुई जांच में क्षमता से अधिक नक्शे के विपरीत फ्लैटों के निर्माण का मामला सामने आया है। ऐसे में जीडीए के प्रवर्तन अनुभाग में 2014 से अब तक तैनात रहे अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर कमेटी अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। ऐसे में दोषी सुपरवाइजर को निलंबित करने और जेई व जोन प्रभारियों पर कार्रवाई की संस्तुति शासन को की जाएगी।
इंदिरापुरम में 16 बिल्डरों पर हुई थी एफआईआर
एकल यूनिटों पर बिल्डिंगों बायलॉज का बडे़ पैमाने पर उल्लंघन जीडीए जोन-6 के इंदिरापुरम में हुआ था। यहां जांच में 250 वर्ग मीटर की एक यूनिट पर 28 फ्लैट के निर्माण का मामला सामने आया। तय क्षमता से अधिक फ्लैट के निर्माण के मामले में जीडीए ने 16 बिल्डरों पर एफआईआर को तहरीर दी थी।
जोन-सात के राजेंद्रनगर में एकल यूनिट की जांच में तय क्षमता से अधिक फ्लैटों का मामला सामने आया। मामले में सुपरवाइजर को तत्काल निलंबित करने और जेई के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई है। जोन प्रभारी व सहायक प्रभारी को हटा दिया गया है। दोषी बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए