पावर कारपोरेशन संयुक्त संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को चीफ इंजीनियर आफिस पर संपन्न हुई। इसमें निजीकरण के खिलाफ आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया गया।
पदाधिकारियों ने 20 फरवरी से ब्लैक आउट करने की घोषणा की है। इस दौरान कर्मचारी प्रदेशभर में न तो पावर सप्लाई करेंगे और न ही होने देंगे।
बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन को तेज करने का लिया गया। निजीकरण के विरोध सहित अन्य मांगों को लेकर छह फरवरी को कर्मचारी सत्याग्रह करेंगे। लखनऊ में शक्तिभवन के साथ ही चीफ व एसई आफिसों पर सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा। 17 व 18 फरवरी को 48 घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे
इस पर भी सुनवाई न होने पर 19 फरवरी की सुबह छह बजे से पूर्ण हड़ताल की जाएगी। यदि पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने मांगों को स्वीकार नहीं करता है तो 20 फरवरी से ब्लैकआउट कर दिया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी न तो पावर सप्लाई करेंगे और न ही किसी अन्य को करने देंगे।
संघर्ष समिति की बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष आरके सिंह, पदाधिकारी राजेंद्र घिल्डियाल, गिरीश कुमार पांडे, सीपी अवस्थी, गिरीश चंद शर्मा, पूसे लाल, भगवान मिश्र, आरएस वर्मा, विमलेश श्रीवास्तव ने भी विचार रखा। बैठक अध्यक्षता एसई आरएस यादव और वीके अग्रवाल के संचालन में संपन्न हुई।