सीबीआई कोर्ट ने 20 साल पहले भोजपुर में हुए चार युवकों के एनकाउंटर को फर्जी माना है। इस मामले में बुधवार को सीबीआई कोर्ट द्वारा चार पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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सोमवार को विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजेश चौधरी की कोर्ट ने मामले में चार पुलिसकर्मियों को हत्या और फर्जी सुबूत पेश करने के आरोप में दोषी करार दिया। दोषी करार दिए गए यूपी पुलिस के कांस्टेबल सूर्यभान ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
मारे गए युवक मोदीनगर की विजयनगर कालोनी के जलालुद्दीन, प्रवेश, जसवीर और अशोक थे, जो फैक्ट्री में नौकरी और मजदूरी करते थे। मृतकों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था और सीबीआई जांच की मांग की थी।
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सीबीआई को ट्रांसफर किया गया था मामला
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 8 नवंबर 1996 को भोजपुर पुलिस ने चार युवकों को बदमाश बताकर एनकाउंटर में मार गिराया था। मामले की जांच बाद में सीबीआई को ट्रांसफर कर दी गई थी।
सोमवार को ही सीबीआई विशेष कोर्ट ने चारों पुलिसकर्मियों लालसिंह, जोगेंद्र, सुभाष और सूर्यभान को दोषी करार दिया था। दोषी करार दिए जाने के साथ ही कोर्ट ने जमानत पर चल रहे तीन पुलिसकर्मी लालसिंह, जोगेंद्र और सुभाष को हिरासत में लेकर डासना जेल भेज दिया था।
चौथा आरोपी इलाहाबाद से आने वाला था, मगर टूंडला में हुए ट्रेन हादसे के चलते वह समय से कोर्ट में पेश नहीं हो सका। ऐसे में मंगलवार को आरोपी कांस्टेबल सूर्यभान ने कोर्ट के समक्ष सरेंडर कर दिया।
भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए युवक मोदीनगर की विजयनगर कालोनी के जलालुद्दीन, प्रवेश, जसवीर और अशोक थे, जो फैक्ट्री में नौकरी और मजदूरी करते थे। मृतकों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था और सीबीआई जांच की मांग की थी।
सात अप्रैल 1997 को सीबीआई को इसकी जांच सौंपी गई थी। 10 सितंबर 2001 को सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी, जिसमें तत्कालीन भोजपुर एसओ लाल सिंह, एसआई जोगेंद्र, कांस्टेबल सुभाष, सूर्यभान और रणवीर को आईपीसी की धारा 302, 149, 193 और 201 के तहत आरोपी बनाया था।
केस की सुनवाई के दौरान 27 अप्रैल 2004 को रणवीर की मृत्यु हो गई थी। बाकी चारों पुलिसकर्मियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जमानत पर चल रहे लाल सिंह, जोगेंद्र और सुभाष कोर्ट में उपस्थित थे, जिन्हें हिरासत में लेकर डासना जेल भेज दिया गया, जबकि सूर्यभान इलाहाबाद गया हुआ था, वह उपस्थित नहीं हो सका। उसके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वह गाजियाबाद के लिए रवाना हो गया है। ट्रेन का एक्सीडेंट होने की वजह से उसे देर हो गई है।