1984 सुल्तानपुरी सिख दंगा मामले में आरोपी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की पेशी के लिए अदालत ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। केस की सुनवाई के दौरान गवाह चाम कौर ने बचाव पक्ष के उस दावे को खारिज कर दिया कि उसने अपने बयान में सज्जन कुमार का नाम नहीं लिया था। केस की अगली सुनवाई के लिए 7 मार्च की तारीख तय की गई है।
दिल्ली छावनी सिख दंगा मामले में हाईकोर्ट से सजा मिलने के बाद सज्जन कुमार 31 दिसंबर 2018 से जेल में हैं। पटियाला हाउस अदालत की जिला न्यायाधीश पूनम ए बांबा के समक्ष बुधवार को सीबीआई की गवाह चाम कौर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल शर्मा ने जिरह की। इस दौरान चाम कौर ने कहा कि उसने दंगों के दौरान सज्जन कुमार को देखा था और उसका नाम अपने बयान में लिया था।
बचाव पक्ष ने कहा कि गवाह ने परिजनों की हत्या के संबंध में 14 नवंबर व 19 दिसंबर 1984 को बयान दिया था। इसके बाद 24 जुलाई 1987 और फिर 13 नवंबर 1991 को कोर्ट में भी बयान दिया था। अदालत ने इन पुराने मामलों के दस्तावेज न मिलने के कारण फिलहाल केस के दस्तावेज की प्रति से गवाह से जिरह करने की अनुमति प्रदान की है। कोर्ट ने कहा जब दस्तावेज मिल जाएंगे, तब उनके आधार पर गवाह से जिरह की जाएगी।
इस मामले में सज्जन कुमार, ब्रह्मानंद गुप्ता व वेद प्रकाश पर मुकदमा चल रहा है। अदालत के समक्ष चाम कौर ने अपने बयान में 16 नवंबर 2018 को कहा था कि सज्जन कुमार भीड़ को भड़का रहे थे। इन दंगों में भीड़ ने उसके ससुर बसंत सिंह, पति बलिहार सिंह व देवर बलबीर सिंह की हत्या कर दी थी।