पुलिस की उभरते अपराधियों पर निगरानी
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि जिले के वाहन चोरी निरोधक शाखा को उभरते अपराधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके मद्देनजर टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ऐसे आरोपियों की पहचान करने में जुट गई, जो दूसरों पर धौंस जमाने के लिए अवैध हथियार को लहराते हुए वीडियो और फोटो डालते हैं। खास जानकारी इकट्ठा करने के लिए मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया।
मनीष के घर पुलिस ने मारा छापा
साथ ही पुलिस जिले में सक्रिय गैंगस्टरों से मिलने वाले युवाओं पर निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान मनीष के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने उसके घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पिस्टल और कारतूस मिले। पूछताछ में मनीष ने बताया कि वह दसवीं तक पढ़ाई की है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह अपने गांव के आस-पास रहने वाले गैंगस्टरों से प्रभावित हो गया। वह गैंगस्टर ओम प्रकाश उर्फ काला और उसके भाई अमित उर्फ बागे के संपर्क में आया।
19 साल के युवक से पुलिस कर रही पूछताछ
दोनों भाई फिलहाल मकोका के तहत जेल में बंद हैं। उसके बाद वह गैंगस्टर बनने की चाह में पिस्टल खरीदा और अपने दोस्तों के बीच रौब जमाने लगा। उसने हथियार के साथ अपना व्हाट्सएप स्टेटस भी लगाया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि मनीष पर पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। पुलिस उससे पूछताछ कर हथियार मुहैया करने वाले की तलाश कर रही है।