राजधानी के निगम स्कूलों में विशेष शिक्षकों के 1741 पद सृजित हैं, लेकिन मात्र 49 शिक्षकों की ही भर्ती हो पाई है। शेष 1692 पद अभी भी रिक्त हैं। राजधानी में विशेष शिक्षकों की भर्ती मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि 90 विशेष शिक्षकों के नाम दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भेज दिए गए हैं। विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
निगम अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में 5969 शिक्षक नियमित नियुक्ति पर काम कर रहें हैं, जबकि 703 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। दक्षिणी दिल्ली के निगम स्कूलों में 76 नर्सरी शिक्षक व 71 प्रधानाचार्यों के पद रिक्त हैं। वर्तमान में 510 प्रधानाचार्य काम कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के अनुसार, अदालत द्वारा शिक्षकों के पद भरने संबंधी निर्देश के बावजूद स्कूलों में शिक्षकों के करीब 26031 पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों पर अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाए और शिक्षकों के रिक्त पद तुरंत भरे जाएं।
याची का दावा है कि सरकार का हर वर्ष शिक्षकों की सैलरी के लिए तय 50 प्रतिशत बजट बेकार जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी।