पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि इंस्पेक्टर अरविंद प्रताप सिंह की टीम इलाके में गश्त पर थी। टीम को लंबे समस से बिना वैध दस्तावेजों के उनके इलाके में रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों की सूचना मिली। इंस्पेक्टर रतन सिंह, एसआई उपेंद्र सिंह, एसआई प्रीति की टीम ने सूचना पुख्ता की और छापेमारी की सभी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में किसी के पास से कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।
जांच में सामने आया कि सभी एक ही परिवार के हैं और गांव तेलीपारा, थाना नागेश्वरी, जिला कुरीग्राम, बांग्लादेश के रहने वाले हैं। निर्वासन प्रक्रिया के दौरान हिरासत में ली गई एक महिला को प्रसव पीड़ा के कारण सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसने एक लड़के को जन्म दिया। नवजात लड़के सहित सभी 17 बांग्लादेशी प्रवासियों को निर्वासन के लिए हिरासत केंद्र भेजा गया है। ताकि उन्हें उनके देश भेजा जा सके।
65 से लेकर चार दिन तक के अवैध नागरिक शामिल
पुलिस की जांच में सामने आया कि पकड़े गए बांग्लादेशियों में 65 वर्षीय मोहम्मद फरीद मिया रहमान और 4 दिन का नवजात भी शामिल है। आरोपियों में 55 वर्षीय इशबानो खातून, मोहम्मद बच्चू मिया, मोहम्मद जहिनूरी बेगम, मोहम्मद मिजानूर मिया, मुशाबाद मीम बेगम, मोहम्मद फजले मिया, मोहम्मद अर्ज़ाना बेगम, मो. मिलन, मो. जाहिद हुसैन, मो. जमाल, मेघना, मिंटू, लबोन बेगम, नूरी, हजरत और एक शामिल है।
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