जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी ने जांच जोर-शोर से शुरू कर दी है। एसआईटी ने लाइब्रेरी से कुल 16 सीसीटीवी कैमरों के वीडियो बरामद किए हैं।
पुलिस ने लाइब्रेरी का डीवीआर भी कब्जे में लिया है। सवाल यह है कि हिंसा के दो महीने बाद पुलिस ने लाइब्रेरी से सीसीटीवी फुटेज क्यों बरामद की। पहले यह काम क्यों नहीं हुआ। उधर, छेड़छाड़ की आशंका के कारण एसआईटी डीवीआर को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वीडियो लाइब्रेरी की कई जगहों के हैं। ज्यादातर वीडियो में छात्र पत्थरबाजी करते हुए और पुलिसकर्मी लाठी भांजते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस अधिकारी ने बताया कि वीडियो से फोटो बनवाए जा रहे हैं।
इनमें पत्थर फेंकने वाले छात्रों व लाठी भांजने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। जो जवान लाठी भांज रहे हैं, वे सभी आरपीएफ के हैं। हालांकि वीडियो में दिख रहा है कि जवान पत्थरबाजों के पीछे भागते हुए लाइब्रेरी में घुस रहे हैं। इससे संबंधित 5 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
एसआईटी ने जामिया मिल्लिया के छात्रों से पूछताछ शुरू कर दी है। अभी उन छात्रों से ही पूछताछ की जा रही है, जिनकी एमएलसी बनी है। पुलिस ने अब तक दो नेताओं आशु खान व आसिफ मोहम्मद खान समेत 12 छात्रों से पूछताछ की है।
सभी छात्रों का कहना है कि वह दंगे में शामिल नहीं थे। उनके मुताबिक, दंगे के समय वह या तो यूनिवर्सिटी के गेट पर थे या फिर अंदर। पुलिस जिन छात्रों से पूछताछ कर रही है, उनसे उनके मोबाइल नंबर भी ले रही है, ताकि दंगे वाले दिन उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।