साइबर सिटी के डेढ़ सौ रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पास काम करने वालों पर भविष्य निधि विभाग की नजर है। विभाग की ओर से जारी नोटिस में उन्हें 30 अप्रैल तक काम करने वालों का रजिस्ट्रेशन कराने को कहा है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को सर्वे के दौरान पता चला है कि शहर में 150 से अधिक आरडब्ल्यूए हैं जिनमें काम करने वालों का उनके पास रजिस्ट्रेशन नहीं है। ऐसे में वह अपने कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्रेशन कराएं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से मिले नोटिस के बाद आरडब्ल्यूए में हड़कंप मच गया है।
उनका तर्क है कि वह सेवा किसी और एजेंसी से लेते हैं जिस पर विभाग का तर्क है कि जो माली व प्लंबर व अन्य मजदूर उनके पास काम कर रहे हैं। उनका रजिस्ट्रेशन कराएं। विभागीय लोगों ने उन्हें चेतावनी दी है कि यदि किसी से वह सेवा ले रहे हैं तो इस बात को अवश्य चेक करें कि ठेकेदार ने कर्मचारियों का पीएफ करा रखा है अथवा नहीं।
पीएफ रजिस्ट्रेशन से क्या हैं फायदे
: कर्मचारी के परिवार वालों की सुरक्षा हो जाती है।
: किसी तरह की दुर्घटना होने पर उपचार से लेकर अन्य सुविधा के दायरे में हो जाता है।
: जो पैसा कट कर सरकार के पास जाना है उसे ठेकेदार व अन्य लोग हड़प लेते हैं।
: कर्मचारियों को उनके अधिकार का ज्ञान होता है।
यहां आ रही है समस्या
: बहुत से कर्मचारी ठेकेदार के लगाए होते हैं।
: कर्मचारी का रजिस्ट्रेशन कराने पर भुगतान बढ़ जाएगा जिसका असर मेंटेनेंस शुल्क पर भी होगा।
: बहुत से आरडब्ल्यूए में रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी हैं जिनके सामने पीएफ के लोग बौने नजर आते हैं।
पीएफ की ओर से जारी नोटिस की जानकारी है। उनका मानना है कि यह नोटिस उन्हें देने के बजाय सुविधा उपलब्ध कराने वाली कंपनी को देना चाहिए। -अध्यक्ष गुड़गांव सिटीजन काउंसिल एवं कुतुब इन्क्लेब आरडब्ल्यूए।