निजी स्कूलों की तरफ से बढ़ाई गई फीस बढ़ोतरी की जांच के लिए गठित कमेटी ने बृहस्पतिवार को सेक्टर-12 के राजकीय इंटर कॉलेज में 58 स्कूलों की प्रिंसिपल के साथ बैठक की। इसमें स्कूलों को साफ निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार के नियमों के अनुसार ही फीस ले सकते हैं। अगर इसके विरुद्घ फीस ली तो एनओसी रद्द की जा सकती है। साथ ही, स्कूल प्रबंधक अभिभावकों को बिल्डिंग चार्ज, यूनिफार्म और किताबें लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट रामानुज सिंह, डीआईओएस भीम सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी शामिल हुए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि राज्य सरकार ने 15 से 16 नियमों को बनाया है। इसमें गवर्नमेंट एडेड स्कूलों से निजी स्कूल कुछ फीसदी ही अधिक फीस ले सकते हैं, लेकिन अगर ज्यादा फीस लेते तो कार्रवाई हो सकती है।
स्कूल यूनिफार्म लागू कर सकते हैं, लेकिन अभिभावक पर निर्भर करता है कि वह कहां से किताबें और यूनिफार्म लेना चाहते हैं। अभिभावकों पर नियम थोपे नहीं जा सकते। सभी स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबें लगानी होगी। स्कूल अभिभावकों को परेशान नहीं कर सकते हैं। अगर स्कूलों ने ऐसा किया तो राज्य सरकार एनओसी रद्द करने पर विचार कर सकती है। वहीं, बैठक शुरू होने से पहले प्रशासन के अधिकारियों ने अभिभावकों की समस्याएं सुनने के बाद मांग पत्र लिया।
कमेटी स्कूलों का दौरा करके अभिभावकों की शिकायतों की जांच करेगी। उसके बाद रिपोर्ट तैयार करके जिलाधिकारी को सौंपेगी। अगर रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलेगी तो राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों और सीबीएसई बोर्ड के पास कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
ऑल नोएडा स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने कहा कि हम बैठक में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन जब प्रिंसिपल के साथ बैठक हुई तो हमें शामिल नहीं किया गया। अब आगे की रणनीति बना रहे हैं।