जीवन भर की पूंजी लगाकर वैशाली सेक्टर-एक में अपने घर का सपना देख रहे 150 लोग एक बिल्डर के खेल में फंस गए हैं। 2011 में प्रोजेक्ट लांच करते समय बिल्डर ने 2014 में पजेशन का वादा किया था।
हैरत की बात यह है कि अभी तक मौके पर सिर्फ प्रोजेक्ट की नींव ही खुद सकी है। ऐसे में पजेशन कब मिलेगा, इसकी कल्पना करना मुश्किल नहीं है।
प्रोजेक्ट में बुकिंग अमाउंट के रूप में ग्राहकों के 12 करोड़ रुपये भी फंस गए हैं। परेशान होकर आवंटियों ने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश थाने में बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
वैशाली सेक्टर-1 में डब्ल्यू इंटरनेशनल होल्डिंग्स ने साल-2011 में कोलिस्टा टावर नाम से एक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच किया था। इसमें दो और तीन बीएचके फ्लैट बनने थे।
परेशान लोगों ने थाने में की शिकायत
प्रोजेक्ट की प्री-लांचिंग पर ही लोगों से बुकिंग राशि ली गई। आवंटियों ने बताया कि सभी बुकिंगकर्ताओं ने पांच से आठ लाख रुपये तक बुकिंग अमाउंट जमा कराया था। बिल्डर ने जल्द ही काम शुरू करवाने की बात कही।
मगर कई माह बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। कुछ माह बाद साइट पर नींव खुदाई का काम भी शुरू हुआ, मगर वह भी अटक गया। इसके बाद से लगातार लोग बिल्डर से बात कर रहे थे।
मगर बिल्डर लगातार उन्हें टालता आ रहा है, जिसके बाद लोगों ने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। लोगों का आरोप है कि बिल्डर ने बुकिंग के समय जो नक्शा दिखाया था, वह सेक्टर-एक में ही खड़े एक पुराने प्रोजेक्ट का था।
बिल्डर ने कहा था कि नक्शा पहले से स्वीकृत है। यह जल्द ही रिन्यू हो जाएगा, जिसके बाद निर्माण होगा। बहरहाल, ऐसा हुआ नहीं और लोगों को कार्रवाई का इंतजार है।
बिल्डर के खिलाफ दर्ज कराई है रिपोर्ट
जीवनभर की कमाई बिल्डर ने ठग ली। कई साल की मेहनत के बाद घर बनाने के लिए रुपये जोड़े थे। बिल्डर की धोखाधड़ी से वह भी फंस गए हैं। पुलिस को बिल्डर को गिरफ्तार करना चाहिए। -मनीष चौहान, शिकायतकर्ता
यहां तक कि बिल्डर पर रिपोर्ट भी कोर्ट के आदेश पर दर्ज हो सकी। गत 10 मई को बिल्डर से परेशान आवंटियों इकट्ठा होकर वैशाली सेक्टर-1 बिल्डर की साइट पर धरना भी दिया था।
बिल्डर पहले तो जल्द से जल्द फ्लैट देने का वादा करता था। अब मिलने तक से इंकार करता है। जीवन भर की बचत बिल्डर ने ठग ली है। अब कुछ समझ नही आ रहा है। -अमन कुमार, शिकायतकर्ता