15 वर्ष पुराने वाहनों को फिटनेस जांच और दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने वाले वाहन चालकों को रिनुअल फीस के साथ ग्रीन टैक्स देना होगा। यह टैक्स 10 प्रतिशत होगा।
टैक्स से जो धनराशि मिलेगी उसे प्रदेश को हरा भरा करने के कार्य में लगाया जाएगा। प्रदेश शासन से इसके लिए निर्देश आ गए हैं। आरटीओ में ऐसे वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूला जा रहा है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने एक आदेश पारित किया है जिसमें 15 वर्ष पुराने कामर्शियल और प्राइवेट वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं करेंगे। इस आदेश के बाद ट्रांसपोर्टर के साथ पब्लिक में हल्ला मच गया था।
बाद में प्रदेश शासन ने राहत देते हुए यह आदेश निकाला कि ऐसे वाहन केवल यूपी के अंदर ही चल सकेंगे। यह जानकारी आरटीओ मयंक ज्योति ने दी है।