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Delhi News: दिल्ली विधानसभा के 14 विधायक एमसीडी के लिए नामित, 2026-27 के लिए करेंगे प्रतिनिधित्व

Mon, 27 Apr 2026 04:19 PM IST
विकास कुमार आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 14 विधायकों को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में प्रतिनिधित्व के लिए नामित किया है। यह नामांकन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है और इसकी अधिसूचना 27 अप्रैल को जारी की गई है। 
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एमसीडी मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14 विधायकों को दिल्ली नगर निगम में प्रतिनिधित्व के लिए नामित किया है। इस फैसले को विधानसभा और एमसीडी के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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दिल्ली में प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 14 विधायकों को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में प्रतिनिधित्व के लिए नामित किया है। यह नामांकन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है और इसकी अधिसूचना 27 अप्रैल को जारी की गई है। ये निर्णय दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 3(3)(ब)(3) के तहत लिया गया है। इसके तहत विधानसभा के सदस्य एमसीडी के कामकाज में भाग लेकर स्थानीय स्तर के मुद्दों को बेहतर तरीके से उठा सकेंगे। 

ये विधायक हुए नामित
नामित विधायकों में नरेला से राज करण खत्री, त्रिनगर से तिलक राम गुप्ता, वजीरपुर से पूनम शर्मा, सदर बाजार से सोम दत्त और करोल बाग से विशेष रवि शामिल हैं। इसके अलावा मादीपुर से कैलाश गंगवाल, हरी नगर से श्याम शर्मा, बिजवासन से कैलाश गहलोत, पालम से कुलदीप सोलंकी और दिल्ली कैंट से आप विधायक विरेन्द्र सिंह कादयान को भी शामिल किया गया है। सूची में राजेंद्र नगर से उमंग बजाज, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, छतरपुर से करतार सिंह तंवर और पडपडगंज से रविंद्र सिंह नेगी का नाम भी है। इन सभी विधायकों को अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए एमसीडी के कामकाज में भागीदारी करनी होगी।
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सरकार-निगम के बीच और बढ़ेगा तालमेल 
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस पहल का मकसद विधानसभा और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, ताकि स्थानीय समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके। अक्सर देखा जाता है कि विकास कार्यों में विभागों के बीच समन्वय की कमी से देरी होती है, जिसे इस कदम से दूर करने की कोशिश की जा रही है। इस नामांकन के बाद उम्मीद है कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से जुड़े मुद्दे सीधे एमसीडी के सामने रखे जा सकेंगे और उनके समाधान में तेजी आएगी। साथ ही, जनता की समस्याओं को लेकर जवाबदेही भी बढ़ेगी।

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